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कजाकिस्तान में MBBS छात्र की संदिग्ध मौत:परिजनों ने हत्या की आशंका जताई, सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग


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कजाकिस्तान में MBBS छात्र की संदिग्ध मौत:परिजनों ने हत्या की आशंका जताई, सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग

कजाकिस्तान में MBBS छात्र की संदिग्ध मौत:परिजनों ने हत्या की आशंका जताई, सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : नैना शेखावत

खंडेला : कजाकिस्तान में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे 22 वर्षीय छात्र कनिष्क सैनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। खंडेला क्षेत्र के निवासी कनिष्क के परिजनों ने इसे हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

16 मार्च को हुई थी कनिष्क की मौत

कनिष्क सैनी ग्राम पंचायत कांवट के ढाणी रामसर के निवासी थे। वो वर्ष 2021 में डॉक्टर बनने का सपना लेकर कजाकिस्तान गए थे। उनकी पांच वर्षीय एमबीबीएस डिग्री 8 जून 2026 को पूरी होनी थी। हालांकि, 16 मार्च की रात करीब 2:30 बजे उनकी मौत की खबर परिवार को मिली।

पांचवी मंजिल से गिरकर मौत होने की मिली थी खबर

कनिष्क के पिता किशन सैनी ने बताया- उन्हें कजाकिस्तान में रह रहे रिंग्स निवासी महेंद्र ने फोन पर बताया की उनके बेटे की मौत हॉस्टल की पांचवीं मंजिल से गिरने से हुई है। सूचना मिलने पर परिवार के ताऊ और मामा कजाकिस्तान पहुंचे, लेकिन उन्हें न तो घटना स्थल पर जाने दिया गया और न ही कनिष्क का शव दिखाया गया।

दिनेश चौधरी चलाता था हॉस्टल

मृतक के पिता ने बताया- कनिष्क जिस हॉस्टल में रहता था उसे जयपुर निवासी दिनेश चौधरी चला रहा था और रिंग्स निवासी महेंद्र उस हॉस्टल की देखरेख करता था। दिनेश चौधकरी ने ही कनिष्क का कारागंडा मेडिकल यूनिवर्सिटी में एडमिशन करवाने में मदद की थी।

भारतीय दूतावास ले जाकर डराने-धमकाने का आरोप

पिता ने आरोप लगाया है कि जब वो कजाकिस्तान एयरपोर्ट पर पहुंचे तो उन्हें दिनेश चौधरी और उसके साथी जबरन भारतीय दूतावास ले गए और उन्हें डराया-धमकाया गया। उन्होंने जबरन कुछ कागजातों पर दस्तखत करवाए गए। इसके बाद एक निजी एजेंसी के जरिए लगभग 7 लाख रुपए लेकर शव को सीधे जयपुर भेज दिया गया।

वहीं, परिवार वालों को उसका मोबाइल, लैपटॉप, ओर अन्य समान भी नहीं दिया गया। कनिष्क का शव 19 मार्च को उनके पैतृक गांव पहुंचा।

परिवार को बेटे की हत्या का शक

पिता किशन सैनी के अनुसार, जब गांव में बेटे के शव को अच्छी तरह देखा गया, तो सिर के पीछे केवल एक चोट का निशान था। उनका कहना है कि यह चोट सामान्य गिरने से नहीं लग सकती। इसी आधार पर परिवार को बेटे की हत्या की आशंका है। परिजनों को दिनेश चौधरी,महेंद्र और उनके साथियों पर शक है।

परिजनों ने भारत सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

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