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रमजान माह में मस्जिदों में अदा की जा रही विशेष तरावीह नमाज़


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रमजान माह में मस्जिदों में अदा की जा रही विशेष तरावीह नमाज़

रमजान माह में मस्जिदों में अदा की जा रही विशेष तरावीह नमाज़

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : अंसार मुज्तर

निराधनूं : पवित्र रमजान माह के दौरान निराधनूं समेत आसपास के क्षेत्रों की मस्जिदों में हर रोज़ ईशा की नमाज़ के बाद विशेष तरावीह की नमाज़ अकीदत और उत्साह के साथ अदा की जा रही है। मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में मस्जिदों में पहुंचकर इबादत कर रहे हैं और अल्लाह से रहमत व मगफिरत की दुआएं मांग रहे हैं।

जानकारी के अनुसार तरावीह की नमाज़ ईशा की नमाज़ के तुरंत बाद अदा की जाती है। इसमें 20 रकात नमाज़ 2-2 रकात के समूह में हाफिजे कुरआन के पीछे सामूहिक रूप से पढ़ी जाती है। इस दौरान कुरआन पाक की आयतें विस्तार से पढ़ी जाती हैं ताकि पूरे रमजान माह में एक बार पूरा कुरआन सुनाया जा सके।

निराधनूं की मदीना मस्जिद के हाफिज मोहम्मद अनिस खान ने बताया कि रमजानुल मुबारक का महीना अपनी नेमतों, बरकतों और नेकियों के साथ गुजर रहा है। इस महीने में दो खास अमल होते हैं। पहला दिन का रोज़ा, जो हर बालिग मुसलमान पर फर्ज है और दूसरा रात में ईशा की नमाज़ के साथ तरावीह की नमाज़ अदा करना।

हाफिज मोहम्मद अनिस खान मदीना मस्जिद निराधनूं

उन्होंने कहा कि तरावीह में अल्लाह के मुकद्दस कलाम कुरआन मजीद को पढ़ने और सुनने का खूबसूरत मौका मिलता है। रमजान में तरावीह के दौरान एक बार कुरआन खत्म करना सुन्नत, दो बार खत्म करना अफज़ल और तीन बार कुरआन मुकम्मल करना बड़ी फजीलत माना जाता है।

पूर्व सदर अयूब खान खोखर

तरावीह नमाज़ एक रूहानी इबादत है, जो रमजान माह में हर रात अदा की जाती है। इससे इंसान को आध्यात्मिक शांति मिलती है और अल्लाह की रहमत हासिल होती है। – पूर्व सदर अयूब खान खोखर

पंच इकबाल खान खोखर

रमजान का रोज़ा हर बालिग मुसलमान पर फर्ज होता है। इस महीने की खासियत यह भी है कि पाक कुरआन शरीफ इसी पवित्र माह में नाजिल हुआ था। यह महीना गुनाहों से तौबा और अल्लाह से माफी मांगने का महीना है। – पंच इकबाल खान खोखर

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