[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

रेत की धरती से उगाई सफलता: झुंझुनूं के युवा संदीप बने मशरूम खेती में मिसाल


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

रेत की धरती से उगाई सफलता: झुंझुनूं के युवा संदीप बने मशरूम खेती में मिसाल

रेत की धरती से उगाई सफलता: झुंझुनूं के युवा संदीप बने मशरूम खेती में मिसाल

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : चंद्रकांत बंका

झुंझुनूं : जहां अधिकतर युवा रोजगार की तलाश में बड़े शहरों की ओर रुख करते हैं, वहीं जिले के कालेरी की ढाणी (बुडाना) के 21 वर्षीय युवा किसान संदीप कुमार सैनी ने गांव की मिट्टी में ही सफलता के बीज बोकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।

संदीप कुमार, जो रामजीलाल सैनी के पुत्र हैं, ने केवल 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद कुछ अलग करने का निश्चय किया। उन्होंने देखा कि आजकल लोग नॉनवेज की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, जबकि शाकाहारी लोगों के लिए पौष्टिक और शुद्ध विकल्प सीमित हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने मशरूम की खेती शुरू करने का निर्णय लिया, जो उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

सीखने की ललक से मिली सफलता
मशरूम खेती शुरू करने से पहले संदीप ने इंटरनेट से जानकारी जुटाई, लेकिन उन्होंने केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक खुद को सीमित नहीं रखा। बेहतर प्रशिक्षण के लिए उन्होंने नोएडा, हरियाणा और चूरू के मशरूम फार्म का दौरा किया और वहां व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने उच्च गुणवत्ता वाला कम्पोस्ट तैयार करना, नियंत्रित तापमान और नमी का प्रबंधन, रोगों से बचाव की वैज्ञानिक विधियां तथा बेहतर उत्पादन और पैकेजिंग तकनीकें सीखीं।

आज बन चुका है पहचान वाला ब्रांड
संदीप की मेहनत का परिणाम यह है कि आज उनके फार्म की मशरूम की मांग लगातार बढ़ रही है। ताजगी, स्वाद और शुद्धता के कारण ग्राहक सुबह-सुबह ही उनके फार्म पर पहुंच जाते हैं। ग्राहकों का कहना है कि यहां मिलने वाली मशरूम बाजार में उपलब्ध कई उत्पादों की तुलना में अधिक शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक है।

पोषण से भरपूर विकल्प
मशरूम को प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें विटामिन B और D के साथ आयरन भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। कम कैलोरी और कम वसा होने के कारण यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है।

युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत
संदीप कुमार की सफलता की कहानी यह साबित करती है कि नई सोच, कड़ी मेहनत और लगन से गांव में रहकर भी सफलता हासिल की जा सकती है। आज वे न केवल खुद आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि आसपास के युवाओं को भी मशरूम खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

Related Articles