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जसरापुर में धुलण्डी पर दिखा लोक रंग: चंग-ढफ की थाप पर थिरके बच्चे, युवा और बुजुर्ग, दिनभर रहा उत्सव का माहौल


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जसरापुर में धुलण्डी पर दिखा लोक रंग: चंग-ढफ की थाप पर थिरके बच्चे, युवा और बुजुर्ग, दिनभर रहा उत्सव का माहौल

जसरापुर में धुलण्डी पर दिखा लोक रंग: चंग-ढफ की थाप पर थिरके बच्चे, युवा और बुजुर्ग, दिनभर रहा उत्सव का माहौल

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : विजेन्द्र शर्मा

खेतड़ी : खेतड़ी उपखंड के जसरापुर गांव में धुलण्डी पर्व पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। गांव के मुख्य चौक पुराने बाजार में सुबह से ही ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण रंग-गुलाल व लोकधुनों से गूंज उठा। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी प्रेम व भाईचारे के साथ पर्व का आनंद लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक फाग गीतों से हुई। ढफ और चंग की थाप पर बच्चे, युवा, बुजुर्ग और अन्य ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से फाग गाए और नृत्य किया। चंग की थाप और लोकगीतों की गूंज से चौक देर तक गुंजायमान रहा। रंग-गुलाल से सराबोर ग्रामीण पारंपरिक होली गीतों पर थिरकते नजर आए, जिससे पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

पिपली बस स्टैंड पर कपिल धानिया के नेतृत्व में भी धुलण्डी उत्सव का आयोजन किया गया। यहां युवाओं ने ढफ और चंग की थाप पर रंग-गुलाल उड़ाते हुए नृत्य किया और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर पर्व की बधाइयां दीं। आसपास के ग्रामीण भी इस आयोजन में शामिल हुए और होली के लोकगीतों के साथ उत्सव का आनंद लिया।

इस अवसर पर शिवकुमार सुरोलिया ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है। यह पर्व लोगों को पुराने मतभेद भुलाकर खुशियां बांटने और समाज में एकता बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक आयोजन हमारी लोक संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखते हैं और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का काम करते हैं।धुलण्डी के इस आयोजन में गांव के बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से फाग गाए, रंग-गुलाल लगाया और एक-दूसरे को गले मिलकर पर्व की खुशियां साझा कीं। पूरे दिन गांव में उत्सव और उल्लास का माहौल बना रहा।

इस अवसर पर शिवकुमार सुरोलिया, छगनलाल शर्मा, कपिल धानिया, रमाकांत पुजारी, गिरधारी लाल पांडे, भागीरथ पांडे, सुमेर कुमावत, ग्यारसी लाल सेडूका, शंकर लाल बोहरा, जितेंद्र कुमावत, शीशराम ठाकर, ओम प्रकाश सोनी, विकास पटनिया, विकास शर्मा, विवेक शर्मा सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।

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