[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

सरदारशहर के दुलरासर में गिंदड़ महफिल:36 कौम ने एक साथ खेली होली, देर रात कलाकारों ने किया नृत्य


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
चूरूटॉप न्यूज़राजस्थानराज्यसरदारशहर

सरदारशहर के दुलरासर में गिंदड़ महफिल:36 कौम ने एक साथ खेली होली, देर रात कलाकारों ने किया नृत्य

सरदारशहर के दुलरासर में गिंदड़ महफिल:36 कौम ने एक साथ खेली होली, देर रात कलाकारों ने किया नृत्य

सरदारशहर : सरदारशहर के दुलरासर गांव में मंगलवार रात शेखावाटी की प्रसिद्ध लोक संस्कृति और होली के उल्लास का अद्भुत नजारा देखने को मिला। गांव की मुख्य चौपाल में आयोजित ‘गिंदड़ समारोह’ में लोक संस्कृति के रंग बिखरे। इस उत्सव को देखने के लिए आसपास के 25-30 किलोमीटर क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

चौपाल को पोस्टर और लाइटों से सजाया

आयोजन को भव्य रूप देने के लिए पूरी चौपाल को आकर्षक पोस्टरों और लाइटों से सजाया गया था। रात बढ़ने के साथ ही चंग की थाप गूंजी और कलाकार मैदान में उतर आए। कलाकारों ने अलग-अलग स्वांग और वेशभूषा में अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसमें सेठ-सेठानी और हास्य कलाकार शामिल थे। उनके पारंपरिक नृत्य और मजाकिया अंदाज ने दर्शकों को आकर्षित किया।

कार्यक्रम के अंदर लोगों ने अलग अलग भेष धारण किए।
कार्यक्रम के अंदर लोगों ने अलग अलग भेष धारण किए।

एक साथ आनंद लेती है 36 कौम

आयोजन समिति के सदस्य पवन पुरोहित ने बताया कि दुलरासर की यह परंपरा दशकों पुरानी है। यहां होली के दौरान कभी कोई वाद-विवाद नहीं होता। गांव की 36 कौम के लोग एक साथ मिलकर इस उत्सव का आनंद लेते हैं, जिससे आपसी भाईचारा और एकता मजबूत होती है।

समारोह के दौरान आयोजन समिति ने पधारे हुए अतिथियों का साफा पहनाकर और मालाएं डालकर स्वागत किया। कार्यक्रम में अपनी कला का प्रदर्शन करने वाले हास्य कलाकारों और नर्तकों को भी विशेष रूप से सम्मानित कर उनका आभार व्यक्त किया गया।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

ये रहे मौजूद

इस आयोजन में समाजसेवी रेवंत सिंह शेखावत, बजरंग सिंह शेखावत, प्रयागराज पांडिया, तोलाराम कठौतिया, सरपंच प्रतिनिधि नानूराम पारीक, नाथूराम जांगिड़, पवन पुरोहित, रामस्वरूप पारीक, ब्रह्मानंद पांडिया, एडवोकेट कालीचरण पारीक, मालाराम जोशी, सुगनाराम मेघवाल, सायरमल भाटी, खिव सिंह, रामलाल नायक, किसनाराम सोनी, नारायण सोनी, गोपाल राम, मगाराम, भंवरलाल स्वामी, धड़सीराम सुथार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Related Articles