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सीकर के फौजी को 6-साल के बेटे ने दी मुखाग्नि:पार्थिव देह देखकर बेसुध हुई पत्नी; क्रिकेट खेलते समय हार्ट अटैक से हुई थी मौत


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सीकर के फौजी को 6-साल के बेटे ने दी मुखाग्नि:पार्थिव देह देखकर बेसुध हुई पत्नी; क्रिकेट खेलते समय हार्ट अटैक से हुई थी मौत

सीकर के फौजी को 6-साल के बेटे ने दी मुखाग्नि:पार्थिव देह देखकर बेसुध हुई पत्नी; क्रिकेट खेलते समय हार्ट अटैक से हुई थी मौत

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : नैना शेखावत

खाटूश्यामजी : सीकर के फौजी की क्रिकेट खेलते समय हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। मंगलवार को पैतृक गांव मगनपुरा में हवलदार गिरधारी लाल कुमावत (33) का सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। 6 साल के बेटे दिव्यांशु ने पिता को मुखाग्नि दी। सेना के अधिकारियों ने हवलदार गिरधारी लाल के बेटे दिव्यांशु और उनके भाइयों को तिरंगा सौंपा। इस दौरान भारत माता के जयकारे गूंजे।

इससे पहले, खाटूश्यामजी कोतवाली से मगनपुरा गांव तक करीब 9 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस दौरान महिलाओं और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी की आंखें नम थीं। पार्थिव देह के अंतिम दर्शन के दौरान गिरधारी लाल की पत्नी संगीता कुमावत फूट-फूट कर रोने लगीं। वे बार-बार बेसुध हो रही थीं।

देखिए, फौजी की अंतिम विदाई की PHOTOS…

सैनिक गिरधारी लाल को उनके 6 साल के बेटे दिव्यांशु ने मुखाग्नि दी।
सैनिक गिरधारी लाल को उनके 6 साल के बेटे दिव्यांशु ने मुखाग्नि दी।
सेना के अधिकारियों ने हवलदार गिरधारी लाल के बेटे दिव्यांशु और उनके भाइयों को तिरंगा सौंपा।
गिरधारी लाल की पार्थिव देह के अंतिम दर्शन के दौरान उनकी पत्नी संगीता कुमावत फूट-फूटकर रोने लगीं। वे बार-बार बेसुध हो रही थीं।
गांव मगनपुरा में सैनिक गिरधारी लाल कुमावत को श्रद्धांजलि दी गई।
सैनिक गिरधारी लाल कुमावत की पार्थिव देह को सैल्यूट करते जवान।
सीकर सांसद अमराराम, भाजपा नेता गजानंद कुमावत समेत कई जनप्रतिनिधियों और सैनिक कल्याण बोर्ड के अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित किए।
खाटूश्यामजी कोतवाली से पैतृक गांव मगनपुरा तक करीब 9 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई।
खाटूश्यामजी कोतवाली से पैतृक गांव मगनपुरा तक करीब 9 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई।

क्रिकेट खेलते समय हार्ट अटैक से हुई थी मौत

उत्तराखंड के रुड़की में तैनात गिरधारीलाल कुमावत की रविवार (1 मार्च) शाम को क्रिकेट खेलते समय हार्ट अटैक से मौत हो गई थी।मैच के दौरान सीने में तेज दर्द उठने पर वे खुद ही बाइक से अस्पताल पहुंचे थे। जहां इलाज शुरू होने से पहले ही उनकी मौत हो गई। गिरधारी लाल 15 फरवरी को ही छुट्टी बिताकर गांव से ड्यूटी पर गए थे।

क्लर्क के पद पर थे पोस्टेड

गिरधारी लाल कुमावत साल 2013 में भर्ती हुए थे। जो रुड़की (उत्तराखंड) में 56 एपीओ BEG रिकॉड्‌र्स में क्लर्क के पद पर पोस्टेड थे। हवलदार गिरधारी लाल का पूरा परिवार इंदौर रहता है। गिरधारी 8 भाइयों में छठे नंबर के थे। गिरधारी के 6 भाई इंदौर में टाइल्स-मार्बल्स फिटिंग का काम करते हैं। एक भाई गणेश कुमावत रेलवे में पोस्टेड है। गिरधारी लाल के 8 भाइयों में सबसे बड़े लक्ष्मण कुमावत की मृत्यु हो चुकी है। कमल कुमार, राजेंद्र कुमार, गणेश, सांवर मल बड़े भाई हैं, जबकि सीताराम और छोटूराम छोटे हैं।

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