माहे रमजान में शब-ए-कद्र की बहुत ख़ास अहमियत है – इमाम मौलाना अनीस रज्जा
माहे रमजान में शब-ए-कद्र की बहुत ख़ास अहमियत है - इमाम मौलाना अनीस रज्जा
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : मोहम्मद अली पठान
चूरू : जिला मुख्यालय पर ईदगाह मोहल्ला स्थित मस्जिद मीरू शाह तकिया के इमाम मौलाना अनीस रज्जा ने माहे रमजान की मुबारकबाद देते हुए कहा कि इस महीने में एक ऐसी रात आती है जिसे शब-ए-कद्र रमजान की पाक रात कहते है। मान्यता है कि इस रात कुरान की आयतों का जिब्रील अलैहिस्सलाम नाम के फरिशते के जरिए पैगम्बर मुहम्मद साहब पर अवतरण (नाजिल) होना शुरू हुआ था। माना जाता है कि इस रात खुदा ताअला नेक व जायज तमन्नाओं को पूरी फरमाता है।
तरावीह पढ़ाने वाले इसी शबे क़द्र में कुरआन मुकम्मल करते हैं, जो तरावीह की नमाज अदा करने वालों को सुनाया जाता ह। इसके साथ घरों में कुरआन की तिलावत करने वाली मुस्लिम महिलाएं भी कुरआन मुकम्मल करती हैं। शबे-ए-कद्र की रात इबादत के बाद लोग कब्रिस्तान जाते हैं। और अपने मरहूमां की कब्रों पर फातिहा पढ़कर उनकी मगफिरत के लिए दुआएं करते हैं। ऐसी भी मान्यता है कि शब-ए-कद्र की रात इबादत करने पर गुनाह बक्श दिए जाते हैं। शबे क़द्र रमज़ान की पांच रातें में से कोई एक हो सकती है 21 वीं, 23वीं, 25वीं, 27वीं और 29वीं यानि 20 वें रोज़े को जो रात होती है वही 21 वीं रात है और 22 वें रोज़े की जो रात होती है वो 23 वीं रात है इसी तरह आप आगे भी समझ सकते हैं।

कुरान के अनुसार, इस एक रात की इबादत 1000 महीनों (लगभग 83 वर्ष) की इबादत से भी अधिक मूल्यवान है। फरिश्तों का आगमनः इस रात हजरत जिब्रील और अनगिनत फरिश्ते जमीन पर उतरते हैं और अल्लाह की रहमत व सलामती बरसाते हैं। तकदीर का फैसलाः इसे ‘फैसले की रात’ भी कहा जाता है, क्योंकि इस रात अगले एक वर्ष के लिए इंसानों की तकदीर और रिज्क (रोजी) का निर्धारण होता है। इसी रात को गुनाहों की माफीः जो व्यक्ति इस रात पूरी आस्था के साथ इबादत करता है, उसके पिछले तमाम गुनाह माफ कर दिए जाते हैं। हज़ार महीनों से बेहतर है।
गुनाहों की माफ़ीः मान्यता है कि जो व्यक्ति इस रात सच्चे दिल से तौबा और इबादत करता है, उसके पिछले तमाम गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं। तक़दीर का फ़ैसलाः इस रात को ‘फ़ैसले की रात’ भी कहा जाता है, क्योंकि अल्लाह आने वाले साल के लिए बंदों की रोजी, मौत और सेहत के फैसले लिखता है। इस रात मुसलमान पूरी रात जागकर नफ़्ल नमाज़, कुरआन की तिलावत और विशेष दुआएं करते हैं।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19







Total views : 2047259


