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बाबा मंढी धाम में गूंजी भक्ति, संस्कृति और खेल की अनूठी ध्वनि


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बाबा मंढी धाम में गूंजी भक्ति, संस्कृति और खेल की अनूठी ध्वनि

श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सात दिवसीय कथा का भव्य समापन

पिलानी : बाबा मंढी धाम स्थित आश्रम में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का मंगलवार को श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा धाम भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।समापन अवसर पर विधि-विधान से हवन, पूर्णाहुति और महाप्रसादी का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने कथा स्थल पर पहुंचकर आशीर्वाद लिया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।

कथा के साथ मेला, दंगल और खेलकूद प्रतियोगिताएं

पीठाधीश्वर आकाश गिरी महाराज ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस बार भी कथा के साथ पारंपरिक मेले, कुश्ती दंगल एवं विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से धार्मिक आस्था के साथ ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को मंच मिलता है और युवाओं में संस्कार, अनुशासन व सांस्कृतिक जुड़ाव मजबूत होता है।

विजेताओं को किया सम्मानित

समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रतीक चिन्ह एवं नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान मंच पर धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता का सजीव दृश्य देखने को मिला।

जनप्रतिनिधि व गणमान्य रहे मौजूद

कार्यक्रम में सरपंच आजाद दमदौरा, सरपंच भानु सिंह (सुजडोला), पूर्व सरपंच सुमेर सिंह, पूर्व सरपंच शिशराम महला, जयसिंह शेखावत, चंद्रपाल, अर्जुन सिंह, विजय सिंह, राजकुमार, अनिल यादव, सुरेंद्र सिंह, अशोक सिंह ठेकेदार, मानसिंह लिखवा, रामचंद्र यादव, रतनसिंह सैनी, राजेंद्र चौधरी, रोहिताश सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

समिति अध्यक्ष समाजसेवी एवं भाजपा नेता महेश बसावतिया ने बताया कि सात दिनों तक चले इस आयोजन में दूर-दराज के गांवों से श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कथा के माध्यम से समाज में नैतिकता, सेवा और भाईचारे का संदेश दिया गया, वहीं खेल प्रतियोगिताओं ने युवाओं में उत्साह का संचार किया।

समापन पर श्रद्धालुओं ने बाबा मंढी धाम की परिक्रमा कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। भक्ति, परंपरा और ग्रामीण खेलों के संगम ने आयोजन को यादगार बना दिया।

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