[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

उदयपुरवाटी में बस स्टैंड नहीं होने से यात्री परेशान:कलेक्टर ने जमीन आवंटन के लिए मांगे प्रस्ताव, बाईपास से निकल रहीं बसें


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
उदयपुरवाटीझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

उदयपुरवाटी में बस स्टैंड नहीं होने से यात्री परेशान:कलेक्टर ने जमीन आवंटन के लिए मांगे प्रस्ताव, बाईपास से निकल रहीं बसें

उदयपुरवाटी में बस स्टैंड नहीं होने से यात्री परेशान:कलेक्टर ने जमीन आवंटन के लिए मांगे प्रस्ताव, बाईपास से निकल रहीं बसें

उदयपुरवाटी : उदयपुरवाटी में निर्धारित बस स्टैंड न होने से प्रतिदिन सैकड़ों यात्री परेशान हैं। अलग-अलग रूटों के लिए पांच स्थानों पर अस्थायी स्टैंड बन गए हैं, जिससे बसें बदलने वाले यात्रियों को काफी असुविधा होती है। जिला कलेक्टर झुंझुनूं ने उपखंड अधिकारी से जमीन आवंटन के लिए प्रस्ताव मांगे हैं, लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है।

बाइपास से निकल रहीं अधिकांश बसें

जानकारी के अनुसार, उदयपुरवाटी में रोडवेज और निजी बसों के लिए कोई स्थायी बस स्टैंड नहीं है। पुराने बस स्टैंड पर बुकिंग खिड़की बंद होने के बाद रोडवेज बसों का आवागमन लगभग बंद हो गया है। अधिकांश बसें बाईपास से ही निकल जाती हैं।

वर्तमान में सीकर और झुंझुनूं जाने के लिए यात्रियों को घूमचक्कर जाना पड़ता है। दिल्ली, नीमकाथाना और जयपुर के लिए शाकंभरी गेट के पास बसें मिलती हैं। कुछ बसें अभी भी पुराने बस स्टैंड पर जाती हैं। नीमकाथाना और खंडेला के स्थानीय रूटों पर जाने वाली सवारियां सफी कॉम्प्लेक्स के पास बसों का इंतजार करती हैं।

झुंझुनूं से आने वाली बसें यात्रियों को घूमचक्कर पर छोड़ देती हैं। इससे बच्चों को गोद में लेकर चलने वाली महिलाओं और भारी सामान वाले यात्रियों को शहर में आने या शाकंभरी गेट तक पहुंचने में काफी परेशानी होती है। यात्रियों को बसें बदलने के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

जमीन आवंटन के लिए मांगे प्रस्ताव

उदयपुरवाटी के उपखंड अधिकारी (एसडीओ) सुमन सोनल ने बताया कि जिला कलेक्टर ने बस स्टैंड के लिए जमीन आवंटन हेतु प्रस्ताव मांगे हैं। उन्होंने तहसीलदार और नगर पालिका ईओ को उपयुक्त जमीन निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं। सोनल ने आश्वस्त किया कि कोई भी उपयुक्त प्रस्ताव मिलते ही उसे उच्च अधिकारियों को आवंटन के लिए भेजा जाएगा।

Related Articles