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सरकारी अस्पताल की घटना:ऐसी भी क्या दुश्मनी थी; 5 घंटे के नवजात का गला घोंट दिया…मौत


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सरकारी अस्पताल की घटना:ऐसी भी क्या दुश्मनी थी; 5 घंटे के नवजात का गला घोंट दिया…मौत

सरकारी अस्पताल की घटना:ऐसी भी क्या दुश्मनी थी; 5 घंटे के नवजात का गला घोंट दिया...मौत

चूरू : यह घटना रोंगटे खड़े करने वाली है। हत्यारे की ऐसी भी क्या दुश्मनी थी कि जिस बच्चे ने अभी आंखें भी नहीं खोली थीं, उसे हमेशा के लिए मौत की नींद सुला डाला। यह वारदात है चूरू के सबसे बड़े सरकारी मातृ-शिशु अस्पताल की…। शुक्रवार को सुबह 5 घंटे के नवजात की गला दबाकर हत्या कर दी गई। बच्चे का जन्म गुरुवार रात करीब साढ़े 12 बजे हुआ था। बच्चा बिलकुल स्वस्थ था।

पुलिस को प्रारंभिक जांच में बच्चे के गले पर अंगुलियों के निशान मिले हैं। ऐसे में हत्यारे और कारणों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने आईसीयू प्रभारी की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। नवजात के पोस्टमार्टम और डीएनए रिपोर्ट आनी बाकी है। फिलहाल, मां और मौसी शक के दायरे में हैं। इधर, प्रसूता को छुट्‌टी नहीं दिए जाने के भी आदेश दिए गए हैं। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि वार्डों के गेट पर सीसीटीवी ही नहीं थे।

इधर, शहर कोतवाल सीआई सुखराम चोटिया का कहना है कि प्रथम दृष्टया गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका है। हालांकि वास्तविक स्थिति पोस्टमार्टम और डीएनए सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी। जब तक मामले का खुलासा नहीं हो जाता है, तब तक प्रसूता को अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं करने के लिए कहा गया है। दो-तीन संदिग्ध हैं। इनको लेकर जांच की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में बच्चे के गले पर अंगुलियों के निशान मिले

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नवजात के गले पर अंगुलियों के निशान हैं। घटना के समय अस्पताल में मां और मौसी ही थीं। ऐसे में यही पुलिस की प्राइम सस्पेक्ट हैं। गौरतलब है कि विवाहिता के चार बच्चे हैं। यह पांचवां प्रसव था।

शक इसलिए… 9 माह में एक भी जांच नहीं

लेबर रूम में देर रात गुड्डी के सामान्य प्रसव से बेटा पैदा हुआ था। परिजनों को सूचना दी, मगर बेटे को लेने के लिए कोई नहीं आया। लेबर रूम स्टाफ के अनुसार प्रसूता के पास नौ महीने की गर्भावस्था के समय में करवाई गई एक भी जांच की पर्ची नहीं थी। जांच के बारे में पूछा गया तो परिजन कुछ भी नहीं बोल पाए।

शुक्रवार शाम तक कोई परिजन नहीं पहुंचा अस्पताल, रिपोर्ट भी नहीं कराई

पुलिस का कहना है कि गुड्‌डी (40) पत्नी ताराचंद निवासी अजीतसर ( सरदारशहर) को प्रसव पीड़ा होने पर बहन मैना, बेटी और भाई मनीराम गुरुवार रात अस्पताल लाए थे। शुक्रवार अल सुबह करीब पांच बजे नवजात में किसी प्रकार की हरकत नहीं देखकर मामा और मौसी आईसीयू वार्ड में लेकर पहुंचे।

डॉक्टरों का कहना था कि नवजात की पहले ही मौत हो चुकी है। फिलहाल, पुलिस ने आईसीयू प्रभारी डॉ. निकिता की रिपोर्ट पर हत्या का केस दर्ज कर लिया है। साथ ही, मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव मामा को सौंप दिया। घटना को लेकर शुक्रवार देर शाम तक मृतक नवजात के परिजनों की तरफ से पुलिस को किसी प्रकार की कोई रिपोर्ट नहीं दी गई। यहां तक कि शुक्रवार देर शाम तक परिवार का भी कोई व्यक्ति अस्पताल नहीं पहुंचा।

मौसी का दावा-बच्चे को मां के पास सुलाया था, तब बच्चा ठीक था

पूछताछ में मैना ने बताया कि प्रसव के बाद नवजात को उसकी मां के पास ही सुलाकर वह सो गई थी। सुबह पांच बजे देखा, तो बच्चे के शरीर में कोई हरकत नहीं थी। उसने भाई मनीराम को जानकारी दी। वे नवजात को लेकर आईसीयू में भागे-भागे पहुंचे। बहन गुड्‌डी खेत में ढाणी बनाकर पति व बच्चों सहित रहती है। पति सात वर्ष से गंभीर रूप से बीमार है। महिला के दो बेटी और दो बेटे हैं।

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