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सरवड़ी में गर्भवती की इलाज के दौरान मौत:धोद थाने के बाहर प्रदर्शन और सड़क जाम, 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता की मांग


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सरवड़ी में गर्भवती की इलाज के दौरान मौत:धोद थाने के बाहर प्रदर्शन और सड़क जाम, 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता की मांग

सरवड़ी में गर्भवती की इलाज के दौरान मौत:धोद थाने के बाहर प्रदर्शन और सड़क जाम, 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता की मांग

धोद : सीकर के धोद थाना क्षेत्र के सरवड़ी गांव में 28 जुलाई को 6 महीने की की गर्भवती महिला पर चाकू हमले का मामला अब दोहरे हत्याकांड में बदल गया है। हमले में गर्भस्थ शिशु की पहले ही मौत हो चुकी थी, जबकि शुक्रवार को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान महिला ने भी दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद परिजन, ग्रामीण और सर्वसमाज के लोग बड़ी संख्या में धोद पुलिस थाने के बाहर धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए।

सीकर-धोद मुख्य सड़क जाम

प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने कुछ समय के लिए सीकर-धोद मुख्य सड़क को जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ। बाद में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद प्रदर्शनकारियों ने रोड खोल दिया और यातायात सुचारू हो सका। वही मामले को लेकर धोद एसडीम राहुल मल्होत्रा सहित कई उच्च अधिकारी मौके पर मौजूद है परिजनों से बातचीत ओर समझाइश का दौर जारी है

घटना की गंभीरता को देखते हुए धोद थाना परिसर और आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। मौके पर लोसल थाना पुलिस, सदर थाना पुलिस सहित अतिरिक्त जाब्ता मौजूद है। धोद डिप्टी राजेश ढाका स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

ये मांग उठाई

प्रदर्शन कर रहे परिजनों और ग्रामीणों ने कई मांगें उठाईं। इनमें मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने, अनुसंधान के दौरान भारतीय न्याय संहिता की उपयुक्त धाराएं जोड़ने, पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता, मृतका के तीन साल के बेटे के पालन-पोषण और भविष्य के लिए आर्थिक सहयोग शामिल है। इसके अलावा आरोपी की संपत्ति कुर्क करने, मामले की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी से कराने, पीड़ित परिवार और गवाहों को सुरक्षा देने और विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने की भी मांग की गई।

मौके पर मौजूद वकील और सामाजिक कार्यकर्ता हनुमान सिंह पालवास ने घटना को पूर्व नियोजित और अत्यंत जघन्य अपराध बताते हुए कहा कि मामले में वैज्ञानिक, डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर त्वरित जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

28 जुलाई को गर्भवती पर किया था चाकू से हमला

28 जुलाई को आरोपी सुरेश सैनी ने सरवड़ी गांव में घर में घुसकर गर्भवती के गले पर धारदार चाकू से जानलेवा हमला किया था। गंभीर रूप से घायल प्रियंका को पहले सीकर और बाद में जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया था। गर्भ में पल रहे छह महीने के शिशु की मौत हो गई थी। शुक्रवार को उपचार के दौरान महिला ने भी दम तोड़ दिया, जिसके बाद यह मामला अब दोहरे हत्याकांड में तब्दील हो गया।

कोर्ट ने आरोपी को 5 दिन की रिमांड पर भेजा पुलिस आरोपी सुरेश सैनी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उसे धोद न्यायालय में पेश करने के बाद 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है, जहां उससे पूछताछ कर मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। वहीं प्रियंका की मौत के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हालात पर लगातार नजर रखे हुए है।

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