खबर का असर: स्थाई लोक अदालत की सख्ती के बाद जागी सुजानगढ़ नगर परिषद, प्रगति नगर में रोशन हुई स्ट्रीट लाइट
जनमानसन शेखावाटी न्यूज़ ने उठाई थी आवाज महीनों से अंधेरे में डूबे परिवादी गोपाल दाधीच के मोहल्ले को मिली राहत। प्राधिकरण सचिव कृष्णा राकेश कांवत ने कहा- 'सुलभ न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता, विभागों को जनसमस्याओं के प्रति होना चाहिए जवाबदेह।'
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान
सुजानगढ़ : मीडिया की सक्रियता और न्यायपालिका की सख्ती ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आम आदमी की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। अखबार में ‘स्ट्रीट लाइट के लिए कोर्ट पहुंचा आम आदमी’ शीर्षक से प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित होने के बाद, कुंभकर्णी नींद में सो रहा सुजानगढ़ नगर परिषद प्रशासन आखिरकार जाग गया। खबर के जोरदार असर और स्थाई लोक अदालत (चूरू) के आदेशों की पालना करते हुए, वार्ड 46 (प्रगति नगर) में टूटे हुए पोल पर अंततः स्ट्रीट लाइट लगा दी गई है। लाइट लगने से मोहल्ले का महीनों पुराना अंधेरा दूर हो गया है और क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है।
क्या था पूरा मामला?
उल्लेखनीय है कि परिवादी गोपाल दाधीच के घर के पास 26 नवंबर 2025 को पोल टूटने के बाद विभाग ने नया पोल तो लगाया, लेकिन लाइट पुनः स्थापित नहीं की। महीनों तक नगर परिषद के चक्कर काटने और अधिकारियों की बेरुखी झेलने के बाद, परिवादी ने स्थाई लोक अदालत, चूरू की शरण ली। अदालत ने 12 मई 2026 को 30 दिन में समाधान के कड़े आदेश दिए थे। आदेश की अवहेलना और समय सीमा बीत जाने पर समाचार पत्र ने इस प्रशासनिक हठधर्मिता को जोर-शोर से उठाया। इसके तुरंत बाद नगर परिषद हरकत में आई और आनन-फानन में लाइट लगाने का कार्य पूरा किया गया।

“सुलभ न्याय और अधिकारों की रक्षा हमारी प्राथमिकता”: कृष्णा राकेश कांवत
इस प्रकरण के निस्तारण और न्यायालय के आदेश की पालना पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), चूरू की सचिव कृष्णा राकेश कांवत ने अपना महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया।
उन्होंने कहा “जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और स्थाई लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य ही समाज के प्रत्येक नागरिक तक त्वरित और सुलभ न्याय पहुंचाना है। यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है कि आमजन को उनके मूलभूत अधिकार बिना किसी परेशानी के मिलें। हालांकि, विभागों को चाहिए कि वे जनसमस्याओं का निस्तारण अपने स्तर पर ही पूरी तत्परता से करें, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए न्यायालय की शरण न लेनी पड़े। लोक अदालत के आदेश की यह पालना न्याय व्यवस्था में आमजन के विश्वास को और सुदृढ़ करेगी।”
अधिवक्ताओं ने कहा- “यह आम आदमी के हकों की जीत है”
इस प्रकरण में परिवादी गोपाल दाधीच की ओर से न्यायालय में मजबूती से पक्ष रखने वाले अधिवक्ताओं की टीम ने भी इस पूरी कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है।
मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता विवेक प्रिय सोनी और अधिवक्ता योगेश सहारण ने संयुक्त रूप से अपना वक्तव्य देते हुए कहा: “नगर परिषद प्रशासन का रवैया यकीनन निराशाजनक था, लेकिन न्यायालय के सख्त आदेश और मीडिया द्वारा इस मुद्दे को उठाने के बाद मिली यह राहत लोकतंत्र में आम आदमी के विश्वास को मजबूत करती है।”
वहीं, टीम के अन्य सदस्य अधिवक्ता प्रकाश वर्मा और अधिवक्ता प्रियंका चौधरी ने कहा:
“यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक छोटी सी मूलभूत सुविधा के लिए भी नागरिकों को कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ती है। लेकिन अंततः स्थाई लोक अदालत के फैसले की जो पालना हुई है, वह यह कड़ा संदेश देती है कि कोई भी अधिकारी या विभाग कानून से ऊपर नहीं है। प्रशासन को भविष्य में आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।”
स्ट्रीट लाइट लगने और क्षेत्र में सफाई व्यवस्था दुरुस्त होने के बाद परिवादी गोपाल दाधीच सहित वार्ड के अन्य निवासियों ने माननीय न्यायालय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, न्याय दिलाने वाली अधिवक्ता टीम और आवाज उठाने वाले मीडिया का विशेष आभार व्यक्त किया है।
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