राजकीय चिकित्सा संस्थानों में स्वास्थ्य जांच शुरू, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की पहचान के साथ उपचार भी प्रारंभ
राजकीय चिकित्सा संस्थानों में स्वास्थ्य जांच शुरू, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की पहचान के साथ उपचार भी प्रारंभ
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान
चूरू : जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में जिले में बुधवार से शुरू हुए पांच दिवसीय विशेष अभियान के तहत राजकीय चिकित्सा संस्थानों में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। इस दौरान हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली महिलाओं को आवश्यक उपचार दिया जाकर उन्हें दवाइयां उपलब्ध करवाई गई ताकि गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता, एएनएम एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, प्रसवपूर्व जांच (एएनसी), हीमोग्लोबिन, रक्तचाप, वजन, रक्त शर्करा सहित अन्य आवश्यक जांच कराई जा रही हैं।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ शंशाक चौधरी ने बताया कि प्रत्येक गर्भवती महिला का गर्भावस्था के प्रथम 12 सप्ताह में पंजीकरण तथा कम से कम चार गुणवत्तापूर्ण एएनसी जांच सुनिश्चित की जा रही है। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की अलग से ट्रैकिंग कर नियमित फॉलोअप, आवश्यक उपचार एवं जरूरत पड़ने पर समय पर रेफरल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित प्रसव के लिए लेबर रूम एवं ऑपरेशन थिएटर की मानक गाइडलाइन की पालना, आवश्यक दवाओं, रक्त एवं जीवनरक्षक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। विभाग ने सभी गर्भवती महिलाओं से निर्धारित समय पर स्वास्थ्य जांच कराने और संस्थागत प्रसव अपनाने की अपील की है, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में और अधिक कमी लाई जा सके।
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