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अखेपुरा टोल पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई कार, बड़ा हादसा टला:जाम में फंसी एंबुलेंस; गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त


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अखेपुरा टोल पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई कार, बड़ा हादसा टला:जाम में फंसी एंबुलेंस; गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त

अखेपुरा टोल पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई कार, बड़ा हादसा टला:जाम में फंसी एंबुलेंस; गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त

रानौली : राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर रानोली-पलसाना के बीच अखेपुरा टोल बूथ के पास ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से कार बेकाबू होकर टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि कार सवार लोगों को गंभीर चोटें नहीं आईं और एक बड़ा हादसा टल गया।

ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से कार टकरा गई।
ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से कार टकरा गई।

हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसी दौरान एंबुलेंस भी जाम में फंस गया, जिससे मरीज को अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई। सूचना मिलते ही रानोली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार और ट्रैक्टर-ट्रॉली को सड़क से हटवाकर यातायात को सुचारु कराया, जिसके बाद हाईवे पर आवाजाही सामान्य हो सका।

वाहनों की लंबी कतारें लगने से एंबुलेंस भी जाम में फंस गई।
वाहनों की लंबी कतारें लगने से एंबुलेंस भी जाम में फंस गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अक्सर क्षमता से अधिक भार लेकर बिना सुरक्षा इंतजामों के तेज गति से चलती हैं। कई ट्रॉलियों पर रिफ्लेक्टर या संकेतक लाइटें भी नहीं होतीं, जिससे पीछे से आने वाले वाहन चालकों को अनुमान लगाने में परेशानी होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

ग्रामीणों और वाहन चालकों ने पुलिस और प्रशासन से ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के खिलाफ नियमित अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और संभावित जनहानि को रोका जा सकेगा।

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