फायर सेफ्टी को लेकर प्रशासन की सख्ती, 180 एनओसी जारी:लापरवाही बरतने वाली संस्थाएं होंगी सीज, 50 हजार का लगेगा जुर्माना
फायर सेफ्टी को लेकर प्रशासन की सख्ती, 180 एनओसी जारी:लापरवाही बरतने वाली संस्थाएं होंगी सीज, 50 हजार का लगेगा जुर्माना
झुंझुनूं : हालही में लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद झुंझुनूं जिला प्रशासन औरऔर नगर परिषद सख्त नजर आ रहा है। शहर में फायर सेफ्टी नियमों का पालन न करने वाले संस्थाओं के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। अग्निशमन विभाग की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि नियम तोड़ने वाले संस्थानों को लगातार नोटिस जारी किए जा रहे हैं। यदि नोटिस के बाद भी संस्थान फायर एनओसी (NOC) नहीं लेते या आग से बचाव के जरूरी उपकरण नहीं लगाते हैं, तो प्रशासन सीज करने की कार्रवाई करेगा।
कई संस्थान उड़ा रहे है नियमों की धज्जियां
शहर के बॉयज और गर्ल्स पीजी हॉस्टल, कोचिंग सेंटर और निजी लाइब्रेरी में फायर सुरक्षा के मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। विशेष रूप से हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में इन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भरमार है, जहां हर दिन सैकड़ों विद्यार्थी शिक्षा और रहने के लिए आते हैं। हैरानी की बात यह है कि अधिकांश स्थानों पर न तो फायर एनओसी ली गई है और न ही वहां आग बुझाने के प्राथमिक उपकरण या आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए इमरजेंसी एग्जिट की कोई व्यवस्था है।
संस्थानों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी
प्रशासन के अनुसार, कुछ लोग अपने घरों के निचले हिस्से में खुद रह रहे हैं, जबकि ऊपर के हिस्से में बिना किसी सुरक्षा मानकों के हॉस्टल और होटल चला रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद खतरनाक है क्योंकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में इन इमारतों से सुरक्षित बाहर निकलना मुश्किल होगा। हालांकि, अग्निशमन विभाग की ओर से ऐसे संस्थानों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
180 एनओसी जारी
नगर परिषद की अग्निशमन अधिकारी बुलकेश भाम्बू ने बताया- विभाग की एक विशेष चार सदस्यीय टीम लगातार सर्वे कार्य में जुटी हुई है। अब तक 180 एनओसी जारी की जा चुकी हैं, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में संस्थान नियमों के दायरे से बाहर हैं। जो नई बिल्डिंग बन रही हैं और जो पुरानी हैं, उन सभी का बारीकी से सर्वे किया जा रहा है।
पेनल्टी और सीज की कार्रवाई
अग्निशमन अधिकारी बुलकेश भाम्बू ने बताया- लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियम तोड़ने वाले संस्थानों को लगातार नोटिस दिए जा रहे हैं। चेतावनी के बाद भी सुधार नहीं होने पर संस्थान को सीज किया जाएगा। नई गाइडलाइन के अनुसार, सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर 50 हजार तक की पेनल्टी लगाई जाएगी। यदि सीज की गई कोई बिल्डिंग दोबारा खुलवाना चाहती है, तो उसे पहले 50,000 की पेनल्टी जमा करानी होगी। इसके बाद ही उचित फायर सेफ्टी उपकरण लगाने और आवेदन करने पर विचार किया जाएगा।
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