चिराना में ‘स्लो प्वॉइजन’ बांट रहा जलदाय विभाग! टंकी में सड़ रहे चूहे, आंखें मूंदकर सो रहे अफसर
गायत्री मंदिर के पास बनी टंकी बनी बीमारियों का घर, 100 परिवारों की सेहत दांव पर...!! गायत्री मंदिर के पास बनी टंकी बनी बीमारियों का घर, 100 परिवारों की सेहत दांव पर..!!
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : कैलाश बबेरवाल
उदयपुरवाटी : ग्राम पंचायत चिराना के धोली ढुंगरी गायत्री मंदिर के पास से एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। जलदाय विभाग यहाँ के करीब 100 घरों में पेयजल पानी नहीं, बल्कि ‘बीमारियों का ठेका’ सप्लाई कर रहा है। विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि जिस पानी की टंकी से लोग अपनी प्यास बुझाते हैं, उसमें भारी तादाद में मरे हुए चूहे तैर रहे हैं और उनका मांस पानी में सड़ रहा है। इसी दूषित और बदबूदार पानी की सप्लाई धड़ल्ले से ग्रामीणों के घरों में की जा रही है। जिससे इलाके में किसी बड़ी महामारी फैलने का खतरा पैदा हो गया है।
सुधरे नहीं हालात: महीने भर पहले भी हुई थी किरकिरी, फिर वही लापरवाही
ग्रामीणों में विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। यह गुस्सा लाजिमी भी है क्योंकि ठीक एक महीने पहले भी इसी टंकी में मरे हुए चूहे मिले थे। उस वक्त हंगामे के बाद विभाग ने खानापूर्ति करते हुए टंकी साफ तो करवा दी, लेकिन उसकी सुध दोबारा नहीं ली। टंकी की जर्जर हालत और टूटे ढक्कनों को ठीक नहीं किया गया, जिसके चलते चूहे दोबारा अंदर जा गिरे। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग केवल कागजों में सफाई का खेल खेल रहा है।
अफसरशाही का चरम: जनता बेहाल, साहब के फोन ‘नॉट रीचेबल’
इस गंभीर संकट के बीच जलदाय विभाग के अधिकारियों का रवैया बेहद शर्मनाक और गैर-जिम्मेदाराना बना हुआ है। निवर्तमान उप सरपंच मोहम्मद इकबाल शेख़ ने बताया कि टंकी में दोबारा चूहे मिलने के बाद जब हमने जलदाय विभाग के अधिकारियों को सूचित करने के लिए लगातार फोन किए, तो साहब ने फोन उठाना ही मुनासिब नहीं समझा। जनता दूषित पानी पीकर अस्पताल पहुँचने की कगार पर है और जिम्मेदार अधिकारी एयरकंडीशनर कमरों में बैठकर फोन काटने में व्यस्त हैं।
ग्रामीणों का अल्टीमेटम: मरम्मत और नियमित सफाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन
इस जानलेवा लापरवाही से भड़के ग्रामीणों ने प्रशासन को चेताया है कि अब कोरे आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि पानी की टंकी की तुरंत मरम्मत हो और उसे पूरी तरह ‘एनिमल-प्रूफ’ किया जाए। टंकी की साफ-सफाई की तारीखें तय हों और उसकी नियमित जांच की जाए। जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत सस्पेंड किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर अगले 24 घंटे के भीतर इस पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जलदाय विभाग के कार्यालय का घेराव कर उग्र प्रदर्शन करेंगे। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।
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