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देशभर से आए प्रतिनिधियों ने देखा कांधरान का विकास मॉडल:125 सदस्यीय दल ने स्वच्छता, हरियाली की सराहना; गांव को बताया प्रेरणादायक


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चूरूटॉप न्यूज़राजस्थानराज्यसादुलपुर

देशभर से आए प्रतिनिधियों ने देखा कांधरान का विकास मॉडल:125 सदस्यीय दल ने स्वच्छता, हरियाली की सराहना; गांव को बताया प्रेरणादायक

देशभर से आए प्रतिनिधियों ने देखा कांधरान का विकास मॉडल:125 सदस्यीय दल ने स्वच्छता, हरियाली की सराहना; गांव को बताया प्रेरणादायक

सादुलपुर : चूरू जिले के सादुलपुर क्षेत्र का कांधरान गांव जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों से ग्रामीण विकास का प्रेरक मॉडल बनकर उभरा है। शुक्रवार को देश के विभिन्न राज्यों से आए 125 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गांव का दौरा कर यहां हुए विकास कार्यों का अवलोकन किया। करीब तीन घंटे तक चले भ्रमण के दौरान दल ने गांव की स्वच्छता, हरियाली और नवाचारों की सराहना करते हुए इसे पूरे देश के लिए अनुकरणीय बताया।

बालाजी ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष इंद्र सिंह डाबला ने बताया- प्रतिनिधिमंडल सुबह 8 बजे गांव पहुंचा, जहां ग्रामीणों ने साफा पहनाकर, तिलक लगाकर और पुष्प अर्पित कर उनका पारंपरिक स्वागत किया। इसके बाद अतिथियों को बाजरे की रोटी, चटनी, दलिया, राबड़ी और राजगढ़ की प्रसिद्ध सीटा मिठाई सहित पारंपरिक राजस्थानी अल्पाहार परोसा गया।

125 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गांव का दौरा कर यहां हुए विकास कार्यों का अवलोकन किया।
125 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गांव का दौरा कर यहां हुए विकास कार्यों का अवलोकन किया।

विकास कार्यों का भ्रमण कराया

स्वागत के बाद प्रतिनिधिमंडल को गांव के प्रमुख विकास कार्यों का भ्रमण कराया गया। दल ने शिव सरोवर परिसर में विकसित हरित क्षेत्र, थार शोभा खेजड़ी, आंवला और जामुन के पौधों का अवलोकन किया। ग्रामीणों ने बताया कि जिस स्थान पर पहले कूड़ा और कीचड़ रहता था, उसे विकसित कर अब हरित वाटिका बनाया गया है, जिसे भविष्य का ‘ऑक्सीजन हब’ माना जा रहा है।

प्रतिनिधिमंडल ने 13 लाख रुपये की लागत से निर्मित श्री बालाजी सेल्फ स्टडी लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया। 72 विद्यार्थियों की क्षमता वाली यह लाइब्रेरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित हुई है।

महिलाओं ने मंगल गीत गाकर अतिथियों को विदाई दी
महिलाओं ने मंगल गीत गाकर अतिथियों को विदाई दी

महिलाओं ने मंगल गीत गाकर अतिथियों को विदाई दी

दल के सदस्यों ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और जनभागीदारी से जिस तरह विकास कार्यों को साकार किया है, वह पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है। सुबह 8 से 11 बजे तक चले भ्रमण के समापन पर गांव की महिलाओं ने मंगल गीत गाकर अतिथियों को विदाई दी।

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