‘प्राइवेट-स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने वाले टीचरों में निकम्मापन’:दिलावर बोले-गुटखा खाने और शराब पीने वाले शिक्षकों की सूची बना रहा हूं
'प्राइवेट-स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने वाले टीचरों में निकम्मापन':दिलावर बोले-गुटखा खाने और शराब पीने वाले शिक्षकों की सूची बना रहा हूं
टोंक : शिक्षा मंत्री मदन दिलवार ने कहा- जो सरकारी टीचर अपने बच्चों को निजी स्कूल में पढ़ा रहे हैं वे निकम्मापन कर रहे हैं। यानी उन्हें अपने बच्चों को पढ़ाना नहीं आता है। वे फ्री का वेतन ले रहे हैं। यदि उन्हें इस श्रेणी में नहीं आना है तो वे अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में डाल दें।
दिलावर ने कहा- यदि किसी का मिलने वाला ऐसा आदमी हो तो उसे बता देना कि ठीक तरह से काम करें, वो मदन दिलावर बहुत खराब आदमी है। वो जाति से खटीक है, हमारे यहां दया का भाव नहीं है। हम अच्छे लोगों के प्रति दया रखते हैं। हम दुष्टों को दंड देते हैं और अच्छे लोगों को सम्मान देते है।
दिलावर ने रविवार को टोंक में खटीक समाज के प्रतिभा सम्मान समारोह में ये बातें कही। उन्होंने कहा-अभी ग्रेड थर्ड के टीचरों के ट्रांसफर नहीं हो रहे हैं।

शिक्षामंत्री दिलावर की 5 बड़ी बातें….
1. शिक्षा में सुधार के लिए मैंने गालियां:
दिलावर ने कहा- शिक्षा में सुधार के लिए मैंने गालियां तो खाई हैं, लेकिन सुधार किया है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई सख्त फैसले लिए हैं, जिससे शिक्षक मुझसे नाराज हैं। शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अब केवल शत-प्रतिशत परिणाम दिखाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि 80 अंकों की परीक्षा में विद्यार्थियों को कम से कम 40 अंक लाने होंगे। यदि परिणाम खराब रहा तो संबंधित शिक्षक से जवाब-तलब किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर निलंबन या तबादले जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।
2.पहली बार सरकारी स्कूल के बच्चों ने टॉप किया:
राजस्थान का शिक्षा का स्तर पहले देश में 14वें नंबर पर था। अब चौथा नंबर है। पहली बार सरकारी स्कूल के बच्चों ने टॉप किया है। प्राइवेट स्कूलों के बच्चे पीछे रह गए। अब निजी स्कूलों के मुकाबले सरकारी स्कूलों में भी बढ़िया पढ़ाई होती है, मैं गारंटी देता हूं। बच्चे पेरेंट्स और टीचर को देखकर संस्कार सीखते हैं, इसलिए पेरेंट्स की भी जिम्मेदारी है कि वे संस्कारित रहें।
3. गुटखा खाने और शराब पीने वाले शिक्षकों की सूची बना रहे:
टीचर किधर देख रहा है, क्या कर रहा है, इन सबका भी बच्चों पर प्रभाव पड़ता है। इसी कारण हम गुटखा खाने वाले और शराब पीने वाले शिक्षकों की सूची बना रहे हैं, ये सूचियां बन रही हैं, इसके बाद बताएंगे कि हम क्या करेंगे। हमनें सभी अफसरों से कहा है कि राजस्थान साफ सुथरा दिखना चाहिए। इसमें जो लापरवाही करेगा, उसे एक बार तो चेतावनी देंगे और दूसरी बार छोड़ेंगे नहीं। चाहे किसी भी समाज का हो, किसी को छोड़ेंगे नहीं, कार्रवाई करेंगे।

4. सफाई का पैसा दूसरी जगह खर्च करने पर करेंगे वसूली:
दिलावर ने कहा- ऐसी कोई पंचायत नहीं, जिसमें पैसा न हो, क्योंकि फाइनेंस कमीशन का पैसा आता है, उसका 40 प्रतिशत पैसा स्वच्छता पर खर्च करना ही होता है। पता नहीं किन कार्यों में पैसा खर्च करके मेरे पास आकर कहते हैं कि पैसा नहीं है। जो अन्य कार्यों में सफाई का पैसा खर्च करेगा, उनसे व्यक्तिगत पैसों की वसूली करेंगे। लोग कहते है कि भ्रष्टाचार होता है। कमीशनखोरी हो रही है, लेकिन कमीशनखोरी करके काम में कमी कर दी, गुणवत्ता में कमी कर दी तो पूरा का पूरा पैसा अधिकारी से वसूला जाएगा। दस लाख का काम है तो दस लाख अधिकारी से वसूले जाएंगे। 16 सीसी का नोटिस देने और सस्पेंड करने से काम नहीं चलेगा, हमने पौने तीन करोड़ रुपए की वसूली निकाली है। 12 प्रतिशत ब्याज की वसूली के साथ पूरा पैसा वसूलेंगे।
5. कुंए- बावड़ियां बंद कर दी, उन्हें साफ करें:
कार्यक्रम में मौजूद जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी की तरफ देखते हुए दिलावर ने कहा कि लोग पानी के लिए मंत्री कन्हैया लाल जी को गाली देते हैं, लेकिन हमारी जिम्मेदारी नहीं समझते हैं, कुंए- बावड़ियां बंद कर दी, उन्हें साफ करें, जलस्रोत बढ़ाएं। कार्यक्रम में जलदाय मंत्री के अलावा पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया समेत अन्य जनप्रतिनिधियों की भी मौजूदगी रही।
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