ढाणी में लगी भीषण आग ने उजाड़ दी खुशियां, झोपड़े में सो रही दो मासूम बहनों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत
मानपुर गांव में हृदयविदारक हादसे से पसरा मातम, रोते-बिलखते परिजनों को संभालना हुआ मुश्किल
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : गजराज शर्मा
बीदासर : कस्बे के निकटवर्ती ग्राम मानपुर की एक ढाणी में रविवार दोपहर हुई दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। अज्ञात कारणों से लगी भीषण आग ने एक गरीब परिवार की खुशियां पलभर में राख कर दी। आग की चपेट में आने से झोपड़े में सो रही दो मासूम बहनों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम पसर गया तथा हर किसी की आंखें नम हो गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार मानपुर निवासी भागीरथ मेघवाल की ढाणी में रविवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे झोपड़े को अपनी चपेट में ले लिया। उस समय भागीरथ की दो पुत्रियां मोनिका (11 वर्ष) एवं डाली (7 वर्ष) झोपड़े के अंदर सो रही थीं।

आग इतनी तेजी से फैली कि बच्चियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। आग की लपटें उठती देख आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन तेज हवाओं और सूखे झोपड़े के कारण आग लगातार फैलती चली गई। ग्रामीणों ने मिट्टी और पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जब तक लोग झोपड़े के अंदर पहुंच पाते, तब तक दोनों मासूम बहनें गंभीर रूप से झुलस चुकी थीं। उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बीदासर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया तथा दोनों बच्चियों के शवों को कब्जे में लेकर राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिए गए।
इस हृदयविदारक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बच्चियों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों की चीख-पुकार सुन मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। गांव की महिलाएं पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाती नजर आईं, वहीं बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार के घर पहुंचकर सांत्वना देने लगे। ग्रामीणों के अनुसार परिवार मजदूरी कर अपना जीवन यापन करता है और ढाणी में कच्चे झोपड़े में निवास करता था। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है ताकि दुख की इस घड़ी में परिवार को कुछ सहारा मिल सके।
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। आशंका जताई जा रही है कि तेज गर्मी अथवा किसी चिंगारी के कारण झोपड़े में आग लगी होगी। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि गर्मी के मौसम में कच्चे झोपड़ों और ढाणियों में रहने वाले परिवार कितने बड़े खतरे के बीच जीवन गुजारते हैं। दो मासूम बहनों की असमय मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।
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