शिक्षा से बदला गांव का भविष्य: नोबल गौरव यात्रा में प्रतिभाओं पर बरसीं स्कूटी-साइकिल, देवलावास बना प्रेरणा का केंद्र
भूरीवास से देवलावास तक शिक्षा जागरण की अलख, युवाओं को करियर व सामाजिक चेतना का मिला संदेश
बुहाना : देवलावास में नोबल शिक्षण संस्थान की शिक्षा गौरव यात्रा ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा जागरण की नई अलख जगाई। भूरीवास से होते हुए यात्रा देवलावास पहुंची, जहां ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया और प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया।
यात्रा का नेतृत्व नोबल एजुकेशन ग्रुप के निदेशक संदीप नेहरा ने किया। इस दौरान मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी, साइकिल और घड़ी जैसे आकर्षक पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी साधन है।

शाम को ग्राम चौपाल में आयोजित भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह की अध्यक्षता सरपंच तुलाराम ने की, जबकि वरिष्ठ नागरिक रामकुमार नेहरा विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम में 10 प्रतिभाओं को स्कूटी, साइकिल और टाइम वॉच देकर सम्मानित किया गया।
संदीप नेहरा ने बताया कि कभी पिछड़ेपन के लिए पहचाना जाने वाला गांव आज “नोबल विलेज देवलावास” के रूप में नई पहचान बना चुका है। शिक्षा के प्रभाव से यहां के विद्यार्थी न केवल खुद आगे बढ़ रहे हैं, बल्कि समाज के विकास में भी योगदान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में गांव के एक दर्जन से अधिक विद्यार्थी मेडिकल क्षेत्र में अध्ययनरत हैं और यह संख्या जल्द ही 25-30 तक पहुंच सकती है।
कार्यक्रम में नोबल संस्थान के संस्थापक शेर सिंह नेहरा की दूरदर्शी सोच की सराहना की गई। इस अवसर पर चेयरपर्सन संतोष नेहरा, निदेशक मानसिंह चौधरी, एकेडमिक डायरेक्टर सुमन नेहरा, मैनेजिंग डायरेक्टर शिवम नेहरा, प्रिंसिपल कृष्ण कुमार यादव, नोबल कॉलेज के प्रिंसिपल कुलदीप काजला सहित शिक्षक स्टाफ और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम का आयोजन में महिला शक्ति की उल्लेखनीय भागीदारी रही, जिससे कार्यक्रम और अधिक जीवंत बना। सम्मानित प्रतिभाओं में कोमल (97%), प्रिया (96.17%), जतिन नेहरा (96%), आसमा बानो, अंशु (96.40%), शिवानी (93.8%), निकिता सहित कई विद्यार्थियों को साइकिल व अन्य पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि खुशबू गायक (90.80%), आर्यन कुमार, अजय गुर्जर सहित अन्य को घड़ी देकर सम्मानित किया गया।
ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह यात्रा न केवल प्रतिभाओं को सम्मानित करती है, बल्कि पूरे समाज को शिक्षा के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।
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