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झुंझुनूं शहर में सायरन बजते ही 10 बजे हुआ ब्लैकआउट:15 मिनट तक बिजली गुल रही; मॉकड्रिल के दौरान प्रशासन और पुलिस रहे अलर्ट


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झुंझुनूं शहर में सायरन बजते ही 10 बजे हुआ ब्लैकआउट:15 मिनट तक बिजली गुल रही; मॉकड्रिल के दौरान प्रशासन और पुलिस रहे अलर्ट

झुंझुनूं शहर में सायरन बजते ही 10 बजे हुआ ब्लैकआउट:15 मिनट तक बिजली गुल रही; मॉकड्रिल के दौरान प्रशासन और पुलिस रहे अलर्ट

झुंझुनूं : झुंझुनूं शहर में रात 10 बजे ब्लैकआउट रहा। 10 बजते ही शहर के कलेक्ट्रेट, नेतराम मघराज कॉलेज और डाइट (DIET) परिसर में लगे नागरिक सुरक्षा के सायरन तेज आवाज के साथ गूंज उठे। इसके बाद 10:15 बजे तक लाइट गुल रही। करीब 15 मिनट तक शहर अंधेरे में रहा, लेकिन पूरा जिला प्रशासन और पुलिस अफसरों की टीम सड़कों पर अलर्ट मोड में एक्टिव रही।

दरअसल, केंद्र सरकार के निर्देश पर जिले में दिन में मॉकड्रिल और रात में ब्लैक आउट के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखा गया। इस दौरान घर और दुकान संचालकों से भी अपील की गई, जिसके बाद उन्होंने भी स्वेच्छा से लाइटें बंद कर दी।

सड़कों पर चल रही गाड़ियों ने भी हेडलाइट्स बंद कर दी और गाड़ियों को साइड में खड़ा कर दिया। हालांकि 15 मिनट बाद लाइट आने के बाद सभी सुचारु हो गया।

​जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग और नागरिक सुरक्षा विभाग की टीमें इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कीं। मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और नागरिक सुरक्षा दल के बीच तालमेल को जांचना था।

​जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने बताया कि यह मॉक ड्रिल हमारी सुरक्षा तैयारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी। जिस तरह से शहरवासियों ने शांति और अनुशासन के साथ सहयोग किया, वह सराहनीय है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हमारा मानसिक रूप से तैयार रहना जरूरी है।

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