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स्टेडियम बचाने रात में जला विरोध का मशाल, तहसीलदार के आदेश के खिलाफ फूटा जनाक्रोश


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स्टेडियम बचाने रात में जला विरोध का मशाल, तहसीलदार के आदेश के खिलाफ फूटा जनाक्रोश

स्टेडियम बचाने रात में जला विरोध का मशाल, तहसीलदार के आदेश के खिलाफ फूटा जनाक्रोश

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : शैलेंद्र पारीक

नवलगढ़ : क्षेत्र के परसरामपुरा में स्टेडियम को बचाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब सड़कों पर खुलकर दिखाई देने लगा है। हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने मशालें थामकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और तहसीलदार के आदेश के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

मशाल जुलूस बाबा मानदास के आश्रम से शुरू होकर परसरामपुरा के मुख्य बाजार से होते हुए रामदेव मंदिर तक पहुंचा। इस दौरान पूरे रास्ते में ग्रामीणों का आक्रोश साफ नजर आया। रैली में प्रशासक ‌करणी राम, सुरेश शर्मा, सुरेश गुर्जर, मुकेश रणवां, दिलीप साईं, सुरेश नेहरा, सुरेश खेदड़, राजेंद्र राठी, जगदीश चाहर, सरदार चाहर सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।

मशाल जुलूस के बाद सुरेश नेहरा ने आगामी रणनीति की जानकारी देते हुए बताया कि कल गांव में एक बड़ी रैली निकाली जाएगी और उसके अगले दिन बाबा रामदेव मंदिर नवलगढ़ से एसडीएम कार्यालय तक पैदल मार्च कर ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि स्टेडियम निर्माण में सरकार के करोड़ों रुपये खर्च हुए हैं, ऐसे में जनभावनाओं को नजरअंदाज करना उचित नहीं होगा।

नेहरा ने यह भी बताया कि खेल स्टेडियम पूर्व मंत्री डॉ. राजकुमार शर्मा का सपना रहा, यह स्टेडियम पिछले ढाई साल से अधर में लटका हुआ है। उन्होंने कहा कि सीकर और झुंझुनूं दोनों जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूरी पर स्थित यह स्टेडियम क्षेत्र के युवाओं के लिए एक बड़ी सौगात है।

प्रशासक करणी राम ने बताया कि हाल ही में विधायक विक्रम सिंह जाखल से इस मुद्दे पर बातचीत हुई है। विधायक ने आश्वासन दिया है कि वे इस मामले को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के समक्ष उठाएंगे। करणी राम ने कहा कि स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति उनके कार्यकाल में दी गई थी और फिलहाल केवल चारदीवारी तोड़ने का आदेश दिया गया है, जिसे लेकर ग्रामीणों में रोष है। उन्होंने सरकार से अपील की कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए उचित निर्णय लिया जाए।

साथ ही उन्होंने पूर्व चिकित्सा मंत्री डॉ. राजकुमार शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी बदौलत गांव को इतने बड़े खेल स्टेडियम की सौगात मिली थी । इस पूरे मुद्दे पर एक बात साफ है कि स्टेडियम को लेकर परसरामपुरा का हर व्यक्ति एकजुट है और अपने हक के लिए संघर्ष करने को तैयार है।

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