[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

किसानों का हल्ला बोल: मुआवजा बिना बिजली लाइन कार्य पर लगाई रोक


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
टॉप न्यूज़राजस्थानराज्यरामगढ़सीकर

किसानों का हल्ला बोल: मुआवजा बिना बिजली लाइन कार्य पर लगाई रोक

कपिल राव के नेतृत्व में एकजुट हुए किसान, ​किसानों के हक़ की लड़ाई कायमसर और लावंडा में रुका काम, प्रशासन को दी चेतावनी

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : ​आबिद खान

​रामगढ़ : ​रामगढ़ तहसील के कायमसर और लावंडा गांवों में किसानों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए मोर्चा खोल दिया है। क्षेत्र में 132 केवी बिजली लाइन का कार्य स्थानीय किसानों की सहमति और संवाद के बिना शुरू किए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
कामरेड कपिल राव के नेतृत्व में किसानों ने मौके पर पहुंचकर न केवल अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया, बल्कि जारी निर्माण कार्य को रुकवाकर अपनी एकजुटता का परिचय दिया हैं।

​कपिल राव: बने किसानों के हक की मजबूत आवाज

​किसानों के बीच अपनी साख और संघर्ष के लिए पहचाने जाने वाले कामरेड कपिल राव ने विभागीय लापरवाही पर तीखा रुख अपनाते हुए इसे किसानों के साथ बड़ा अन्याय करार दिया हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक किसानों को उनकी भूमि का उचित मुआवजा नहीं मिल जाता और फसल के नुकसान की भरपाई सुनिश्चित नहीं होती, तब तक प्रशासन की मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी।

​कपिल राव के नेतृत्व में कामरेड कृष्ण, प्रताप सिंह और मदन जैसे जागरूक किसान अब इस लड़ाई को एक बड़े आंदोलन की दिशा दे रहे हैं। उनके आह्वान पर दोनों गांवों के सैंकड़ों किसान पूरी तरह लामबंद हो गए हैं और अब वे किसी भी स्तर पर झुकने को तैयार नहीं हैं।

​आंदोलनकारियों का स्पष्ट संदेश है कि यह लड़ाई केवल मुआवजे की नहीं, बल्कि किसानों के सम्मान और उनकी जमीन के प्रति अधिकार की है। जब तक प्रशासन किसानों की जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। ​किसानों की एकता और उनके हक की सुरक्षा के लिए यह आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर है।

कपिल राव ने बताया कि किसानों के साथ हुई मीटिंग में फैसला लिया गया हैं कि जहां काम को रोका गया हैं वहीं पर पड़ाव डालेंगे और जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती हैं तब तक अनिश्चित कालीन काम को रोका जाएगा और किसान आर पार की लड़ाई अपने हक के लिए लड़ेगा

Related Articles