भक्ति के महाकुंभ में गूंजेगा ‘जय माँ शाकम्भरी’ का उद्घोष, सजेगी भव्य निशान पदयात्रा
उदयपुरवाटी से सकराय धाम तक सजेगी मां शाकंभरी की 21वीं 'निशान पद यात्रा', उमड़ेगा आस्था का सैलाब
उदयपुरवाटी : कैलाश बबेरवाल, चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर अरावली की वादियों में स्थित शेखावाटी की अधिष्ठात्री देवी माँ शाकम्भरी के भक्तों के लिए भक्ति व शक्ति का अनूठा संगम होने जा रहा है। ‘माँ शाकम्भरी कुटुम्ब परिवार सकराय धाम’ के तत्वावधान में दुर्गाष्टमी पर एक विशाल “निशान पद यात्रा” का आयोजन किया जाएगा। शाकंभरी कुटुंब परिवार के सदस्य मूलचंद सैनी ने बताया कि आगामी 26 मार्च 2026 गुरुवार को माँ शाकम्भरी कुटुम्ब द्वारा एक ऐतिहासिक ’21वीं निशान पद यात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि माँ के प्रति अटूट प्रेम का प्रदर्शन है। जो सुबह 11:15 बजे श्री गणेश मंदिर खेल मैदान से विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद डीजे की धुन पर नाचते गाते हजारों श्रद्धालु 21वीं पदयात्रा में अपने हाथों में ध्वज लहराते हुए पैदल चलकर माँ शक्तिपीठ सकराय धाम के चरणों में निशान अर्पण करेंगें।
ढोल-नगाड़ों की थाप व थिरकते श्रद्धालुओं के कदम
इस यात्रा में हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु अपने हाथों में धर्म की ध्वजा (निशान) थामे पैदल प्रस्थान करेंगे। फूलों से सजी झांकियां, ढोल-नगाड़ों की गूंज और भक्ति गीतों पर झूमते श्रद्धालुओं का भीड़ श्री गणेश मंदिर से सकराय धाम जय माता दी के जयकारे लगाते हुए मंदिर परिसर में पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की मान्यता के अनुसार चैत्र नवरात्रि की अष्टमी शक्ति की उपासना का सबसे श्रेष्ठ दिन माना जाता है। इस दिन मान्यता है कि जो भक्त नंगे पांव चलकर माँ के चरणों में निशान अर्पित करता है, उसकी झोली खुशियों से भर जाती है। इस आयोजन पर पूरे क्षेत्र के भक्तों का एक साथ जुटना एकता व अटूट श्रद्धा का प्रतीक मानी जाती है। मां शाकम्भरी कुटुम्ब परिवार ने अपील की है कि काम-काज को छोड़कर, माँ के प्यार को याद कर सपरिवार निशान यात्रा का हिस्सा बनकर पुण्य के भागीदार बनें।
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