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RPSC ने फिर पकड़ा फर्जीवाड़ा, एडमिट कार्ड में छेड़छाड़:वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा-2022 के पांच कैंडिडेट्स के खिलाफ FIR, एक गिरफ्तार


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RPSC ने फिर पकड़ा फर्जीवाड़ा, एडमिट कार्ड में छेड़छाड़:वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा-2022 के पांच कैंडिडेट्स के खिलाफ FIR, एक गिरफ्तार

RPSC ने फिर पकड़ा फर्जीवाड़ा, एडमिट कार्ड में छेड़छाड़:वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा-2022 के पांच कैंडिडेट्स के खिलाफ FIR, एक गिरफ्तार

अजमेर : RPSC की वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा विभाग) परीक्षा-2022 में भी फर्जीवाड़ा सामने आया है। पांच कैंडिडेट्स ने अपने एडमिट कार्ड की फोटो में छेड़छाड़ की। जांच के बाद पांचों कैंडिडेट्स को बुलाया गया, लेकिन केवल एक अभ्यर्थी ही आयोग में उपस्थित हुआ। सभी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है। एक अभ्यर्थी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार हरिश्चंद्र पुत्र कांतिलाल भील खेरवाड़ा उदयपुर, नरेंद्र कुमार पुत्र सोनाराम रेबारी ग्राम सांकड़ जिला सांचौर, जगदीश कुमार पुत्र जवाना राम मेघवाल तहसील गुड़ामालानी जिला बाड़मेर, राजू राम पुत्र छगनाराम तहसील भीनमाल जिला जालौर, मुकेश कुमार पुत्र छोगाराम तहसील चितलवाना जिला सांचौर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, हरिश्चंद्र को गिरफ्तार किया गया है।

30 जुलाई 2023 को हुई थी परीक्षा
आयोग सचिव के निर्देश पर अनुभाग अधिकारी ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दी। जिसमें बताया कि आयोग की ओर से वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा विभाग) परीक्षा 2022 के विषय सामाजिक विज्ञान के प्रथम प्रश्न पत्र सामान्य ज्ञान और शैक्षणिक मनोविज्ञान का आयोजन 21 दिसंबर 2022 को होनी थी।

परीक्षा दो पारी में होनी थी। पहली पारी की परीक्षा अपरिहार्य कारणों से निरस्त हो गई थी। जिसकी पुनः परीक्षा का 30 जुलाई 2023 को हुई थी।

परीक्षा के विषय सामाजिक विज्ञान की विचारित सूची 31 अगस्त 2023 को जारी की गई। (विचारित सूची अर्थात विज्ञापित पदों के विरुद्ध दो गुना अभ्यर्थियों की सूची जारी) इसके बाद 4 सितंबर 2023 से 14 सितंबर 2023 तक पात्रता की जांच की गई। मुख्य सूची 5 दिसंबर 2023 को जारी की, जिसमें कुल 1605 अभ्यर्थी सफल रहे।

जांच में पांच अभ्यर्थी लगे संदिग्ध
सूची में चयनित 1605 अभ्यर्थियों की उपस्थिति पत्रक एवं ऑनलाईन आवेदन पत्र पर चस्पा फोटो के मिलान संबंधी जांच आयोग स्तर पर की गई। जांच में 5 अभ्यर्थी संदिग्ध लगे।

मुख्य सूची में चयनित कुल 1605 अभ्यर्थियों में से संदिग्ध पाए गए 5 अभ्यर्थियों की जांच की गई। इन्हें व्यक्तिगत सुनवाई के लिए 8 जनवरी 2024 को आयोग कार्यालय बुलाया, लेकिन पांचों अनुपस्थित रहे।

एडमिट कार्ड में फोटो और जन्म तिथि बदली
एक अभ्यर्थी हरीश चन्द्र भील पुत्र कांति लाल के स्थान पर उसके पिता और ससुर मूल कागज सहित उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी हरीश मैत्री हॉस्पीटल, भीलवाड़ा में भर्ती होने के कारण आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हो पाया। इसके बाद सुनवाई की तारीख 23 जनवरी की दी गई। तब हरीश चन्द्र उपस्थित हुआ।

उसके एडमिट कार्ड में फोटो और जन्म तिथि बदली हुई पाई। इसी प्रकार अभ्यर्थी नरेन्द्र कुमार पुत्र सोना, जगदीश कुमार पुत्र जवाना राम मेघवाल, राजू राम पुत्र छगना राम, मुकेश कुमार पुत्र छोगा राम की फोटो भी अलग थी।

उपस्थित हुए हरीश को पुलिस को सौंपा गया। सिविल लाइन थाना पुलिस ने अपराध धारा 3/10 राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती के अनुसंचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2022 व 419, 420, 120 बी भादस के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

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