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SKGMC में 2026 MBBS बैच के लिए एंटी-रैगिंग ओरिएंटेशन : एंटी-रैगिंग पोस्टर का हुआ उद्घाटन, विद्यार्थियों को नियमों और सजा के प्रावधानों की दी जानकारी


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SKGMC में 2026 MBBS बैच के लिए एंटी-रैगिंग ओरिएंटेशन : एंटी-रैगिंग पोस्टर का हुआ उद्घाटन, विद्यार्थियों को नियमों और सजा के प्रावधानों की दी जानकारी

मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दोहराई जीरो टॉलरेंस नीति, शिकायत मिलते ही होगी नियमानुसार कार्रवाई

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : नैना शेखावत

सीकर : श्री कल्याण राजकीय मेडिकल कॉलेज (SKGMC) में नवप्रवेशित MBBS 2026 बैच के विद्यार्थियों के लिए 26 सितंबर को एंटी-रैगिंग ओरिएंटेशन मीटिंग आयोजित की गई। कॉलेज काउंसिल हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एंटी-रैगिंग पोस्टर का उद्घाटन भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार ने की।

विद्यार्थियों और अभिभावकों को दी नियमों की जानकारी

बैठक में मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. प्रियंका अमन, अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. राम रतन यादव, डॉ. योगेश झरवाल, डिप्टी एसपी राकेश धाकड़, डॉ. संजू सैनी, डॉ. गिरधारी सिंह, एंटी-रैगिंग नोडल अधिकारी डॉ. इंदिरा वर्मा, डॉ. अलका कुमारी, डॉ. ममता मीणा, डॉ. पवन कुलहरी, डॉ. विकास चौधरी, डॉ. दर्शन शेखावत, डॉ. जी.एल. शर्मा और श्री आर.एल. गोदारा सहित कॉलेज के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में जूनियर और सीनियर बैच के विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों ने भी भाग लिया। नवप्रवेशित विद्यार्थियों को एंटी-रैगिंग से संबंधित नियमों, संभावित दंड और कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

सिर्फ मारपीट नहीं, कई तरह का व्यवहार रैगिंग के दायरे में

विद्यार्थियों को बताया गया कि रैगिंग केवल वर्बल एब्यूज, टीजिंग या शारीरिक नुकसान तक सीमित नहीं है। फ्रेशर से जबरन पैसे लेना, आर्थिक दबाव बनाना, उसकी इच्छा के विरुद्ध कोई काम करवाना अथवा ऐसा कोई व्यवहार जिससे विद्यार्थी को मानसिक या शारीरिक नुकसान पहुंचे, रैगिंग के दायरे में आ सकता है। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया कि SKGMC में रैगिंग को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। किसी भी तरह की शिकायत सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एंटी-रैगिंग समितियों की भूमिका भी समझाई

ओरिएंटेशन के दौरान विद्यार्थियों को कॉलेज में गठित एंटी-रैगिंग स्क्वाड, काउंसलिंग कमेटी, इंक्वायरी कमेटी और मेंटरिंग कमेटी की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके अलावा पुलिस प्रशासन के सहयोग से निजी पीजी और हॉस्टल में रहने वाले नवप्रवेशित विद्यार्थियों की सुरक्षा तथा नियमित पेट्रोलिंग को लेकर भी चर्चा की गई।

‘किसी भी घटना की तत्काल सूचना दें’

एंटी-रैगिंग नोडल अधिकारी डॉ. शीबा सेठी गौतम ने बताया कि 2026 MBBS बैच के एडमिशन शुरू होने के साथ ही नए विद्यार्थियों को रैगिंग से सुरक्षा और इसके प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पहली ओरिएंटेशन मीटिंग आयोजित की गई है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि किसी भी तरह की रैगिंग या असहज स्थिति का सामना करना पड़े तो बिना डर के तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। समय पर सूचना मिलने से आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी और कॉलेज में सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने में मदद मिलेगी।

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