[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

सीकर का 243 साल पुराना गणेश मंदिर 3 मंजिल होगा:मार्बल से बनेगा 33 फीट ऊंचा भवन, राव राजा देवी सिंह ने स्थापना की थी


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
टॉप न्यूज़राजस्थानराज्यसीकर

सीकर का 243 साल पुराना गणेश मंदिर 3 मंजिल होगा:मार्बल से बनेगा 33 फीट ऊंचा भवन, राव राजा देवी सिंह ने स्थापना की थी

सीकर का 243 साल पुराना गणेश मंदिर 3 मंजिल होगा:मार्बल से बनेगा 33 फीट ऊंचा भवन, राव राजा देवी सिंह ने स्थापना की थी

सीकर : सीकर का फतेहपुरी गेट स्थित श्रीविजय गणेश मंदिर अब नए स्वरूप में दिखेगा। 243 साल पुराने मंदिर का पहली बार जीर्णाेद्धार हो रहा है। आज नए जीर्णोद्धार के तहत भूमि पूजन किया गया। पालवास धाम के चंद्रमादास महाराज, बऊ धाम के ओमनाथ महाराज और ताराचंद पुजारी ने मंत्रोच्चार कर भूमि पूजन किया।

इस कार्यक्रम में सीकर विधायक राजेंद्र पारीक, पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी, पूर्व सभापति जीवण खां, अनुभव जैन, सुशील माटोलिया, अमित चिरानिया, नरेश सिंधी समेत कई जनप्रतिनिधि और व्यापारी मौजूद रहे। श्रीविजय गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी समेत हर बुधवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।

मंदिर मे बढ़ती भीड़ को देखते हुए फैसला लिया

मंदिर के पवन पुजारी ने बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। जीर्णाेद्धार के बाद नए 3 मंजिला मंदिर की ऊंचाई करीब 33 फीट होगी। पूरे मंदिर में मार्बल पत्थर का काम होगा। दीपावली से पहले ग्राउंड फ्लोर का काम पूरा होने की योजना है। मंदिर के सैकंड फ्लोर में भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित होगी। भगवान गणेश की मूर्ति यथास्थान रहेगी।

कब हुई थी मंदिर की स्थापना

उल्लेखनीय है कि फतेहपुरी गेट स्थित श्रीविजय गणेश मंदिर में मूर्ति स्थापना राव राजा कल्याण सिंह के परदादा राव राजा देवी सिंह ने सन् 1840 में की थी। उस समय राव राजा देवी सिंह का कासली के राजा से युद्ध चल रहा था। भरपूर शौर्य और पराक्रम के बावजूद सीकर की सेना 2 युद्ध हार गई। तब राजा के दरबारियों ने कासली की गणेश प्रतिमा को लाकर स्थापित करने के बारे में बताया।

तब राव राजा देवी सिंह ने तब दरबारियों की बात मानी। फिर तीसरे युद्ध में जब सेना लड़ रही थी तब कासली से भगवान गणेश की मूर्ति को यहां लाया गया। यहां किले के उत्तरी गेट में घुसते ही प्रतिमा स्थापित हो गई और फिर सीकर की सेना ने युद्ध जीत लिया। इसलिए इन्हें श्रीविजय गणेश कहा जाता है। श्रीविजय गणेश मंदिर की मूर्ति झाझला पत्थर और चिकनी मिट्‌टी से बनी हुई है।

Related Articles