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बसई पुलिया हादसे में घायल अजय सिंह की जयपुर में मौत


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बसई पुलिया हादसे में घायल अजय सिंह की जयपुर में मौत

4 दिन पहले गड्ढों से बचने के दौरान हुआ था हादसा; गंभीर हालत में खेतड़ी से जयपुर किया गया था रेफर, इलाज के दौरान तोड़ा दम

खेतड़ी : खेतड़ी उपखंड की बसई पुलिया पर चार दिन पहले हुए सड़क हादसे में घायल युवक अजय सिंह (37) की जयपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार को मेहाड़ा पुलिस ने खेतड़ी के राजकीय उप जिला अस्पताल में परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। मृतक की पहचान ढाणी सुराजी पाटन निवासी अजय सिंह पुत्र जगदीश सिंह के रूप में हुई है। अजय ट्रक चालक था और अपने परिवार का पालन-पोषण करता था।

गड्ढे से बचने के दौरान बाइक को मारी टक्कर

मृतक के भाई रतन सिंह ने बताया कि 13 सितंबर को अजय मेहाड़ा में खाना खाने के बाद बाइक से बसई नदी स्थित बजरी प्लांट जा रहा था। बसई पुलिया पर सड़क क्षतिग्रस्त होने और गड्ढों के कारण वाहनों को निकलने में परेशानी हो रही थी।

इसी दौरान सामने से आ रही एक कार की बाइक से टक्कर हो गई। हादसे में अजय गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे खेतड़ी के राजकीय उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे झुंझुनूं और इसके बाद जयपुर रेफर कर दिया। गुरुवार शाम जयपुर में उपचार के दौरान अजय ने दम तोड़ दिया।

दो बेटों के सिर से उठा पिता का साया

अजय सिंह शादीशुदा था। उसके दो बेटे देवेंद्र (12) और सौरव (11) हैं। परिवार में उसका भाई रतन सिंह मजदूरी करता है। अजय की मौत की खबर के बाद परिवार में मातम छा गया।

जर्जर पुलिया पर लगातार हादसों से ग्रामीण चिंतित

बसई पुलिया की बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीण पहले भी प्रशासन और संबंधित विभाग को अवगत करा चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया पर जगह-जगह गड्ढे हैं, जिसके कारण वाहन चालकों को परेशानी होती है और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

पुलिया से बाइक निकालना भी मुश्किल

स्थानीय लोगों का कहना है कि बसई पुलिया की हालत लंबे समय से खराब है। पुलिया पर इतने गड्ढे हैं कि दोपहिया वाहन चालकों को भी संभलकर निकलना पड़ता है। बड़े वाहनों के गुजरने के दौरान स्थिति और जोखिम भरी हो जाती है। ग्रामीणों के मुताबिक पुलिया की खराब हालत की जानकारी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ।

ऊपरी मरम्मत चार-पांच दिन में फिर बेअसर

लोगों का आरोप है कि पुलिया की समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय कई बार सिर्फ ऊपरी तौर पर मरम्मत कर दी जाती है। यह काम चार-पांच दिन में ही फिर खराब हो जाता है और सड़क पहले जैसी स्थिति में पहुंच जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तकनीकी मानकों के अनुसार मजबूत और गुणवत्तापूर्ण कार्य कराया जाए तो बार-बार मरम्मत की जरूरत नहीं पड़ेगी।

ग्रामीणों ने उठाए सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि जब पुलिया की खराब स्थिति की जानकारी लंबे समय से संबंधित विभाग को है, तो इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जा रहा। लोगों ने पीडब्ल्यूडी और प्रशासन से पुलिया का तकनीकी निरीक्षण करवाकर मजबूत तरीके से सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।

पुलिस करेगी आगे की कार्रवाई

एएसआई विद्याधर ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतक के भाई की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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