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वर्तमान समय की चुनौतियों का समाधान मानवीय मूल्यों और पैग़म्बर मुहम्मद साहब की शिक्षाओं में : प्रो. सलीम


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वर्तमान समय की चुनौतियों का समाधान मानवीय मूल्यों और पैग़म्बर मुहम्मद साहब की शिक्षाओं में : प्रो. सलीम

सवाईमाधोपुर में आयोजित सिम्पोजियम में विभिन्न धर्मों के प्रबुद्धजनों ने रखे विचार

सवाईमाधोपुर : जमाअत-ए-इस्लामी हिन्द, सवाईमाधोपुर की ओर से होटल दुर्ग पैलेस, आलनपुर सर्कल में “वर्तमान समय की चुनौतियाँ और पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ की शिक्षाएँ” विषय पर सिम्पोजियम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों एवं सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्धजनों ने भाग लेकर वर्तमान सामाजिक, नैतिक एवं मानवीय चुनौतियों तथा उनके समाधान पर विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जमाअत-ए-इस्लामी हिन्द के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रोफेसर मुहम्मद सलीम इंजीनियर ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज के सामने अनेक प्रकार की चुनौतियाँ हैं, जिनका समाधान केवल कानून या भौतिक प्रगति से संभव नहीं है। इसके लिए मानवीय मूल्यों, नैतिकता, न्याय, करुणा और आपसी सम्मान को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ के जीवन और शिक्षाओं को मानवता के लिए मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि उनकी शिक्षाएँ केवल मुसलमानों के लिए ही नहीं, बल्कि मानव समाज में शांति, न्याय, भाईचारे और सह-अस्तित्व की स्थापना के लिए सार्वभौमिक संदेश देती हैं।

जमाअत-ए-इस्लामी हिन्द राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष मुहम्मद नाज़िमुद्दीन ने कहा कि आज समाज में धार्मिक एवं सामाजिक विभाजन की प्रवृत्तियों को कम करने के लिए संवाद और एक-दूसरे को समझने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग आस्थाओं और विचारों के बावजूद मानवता, इंसाफ, सद्भाव, सेवा और नैतिक जीवन ऐसे मूल्य हैं, जो सभी को जोड़ते हैं।

उन्होंने पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ की शिक्षाओं में इंसान के साथ सम्मानजनक व्यवहार, पड़ोसियों के अधिकार, कमजोरों की सहायता और न्याय पर विशेष बल दिए जाने की ओर ध्यान आकर्षित किया।

मानव धर्म आश्रम से महात्मा धनी आनंद जी ने कहा कि धर्म का मूल उद्देश्य मानव को बेहतर इंसान बनाना और समाज में प्रेम, शांति एवं सद्भाव स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि हम अपने-अपने धर्मों की श्रेष्ठ शिक्षाओं को जीवन में उतारें और एक-दूसरे की आस्थाओं का सम्मान करें। उन्होंने पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ की शिक्षाओं में निहित मानवता, करुणा और सदाचार के मूल्यों को वर्तमान समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम को हेमराज पटेल, इंदरजीत दुबे, प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र मीणा तथा उलेमा फोरम राजस्थान के संयोजक मौलाना सरफ़राज़ फलाही ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय की चुनौतियों का सामना आपसी टकराव से नहीं, बल्कि संवाद, शिक्षा, नैतिकता, सामाजिक जिम्मेदारी और सद्भाव के माध्यम से किया जा सकता है।
सिम्पोजियम में विभिन्न धर्मों एवं सामाजिक वर्गों से आए लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न समुदायों के बीच संवाद को बढ़ावा देना तथा पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ की शिक्षाओं के मानवीय एवं सामाजिक पक्ष पर व्यापक चर्चा करना रहा।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे संवाद समाज में आपसी समझ, सम्मान और सद्भाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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