[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

नगर परिषद चुनाव में ‘सेब’ सिंबल की सबसे ज्यादा मांग:कई वार्डों में लॉटरी से हुआ फैसला, बाल्टी, अलमारी और टेलीफोन सहित अन्य चिन्ह शामिल


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

नगर परिषद चुनाव में ‘सेब’ सिंबल की सबसे ज्यादा मांग:कई वार्डों में लॉटरी से हुआ फैसला, बाल्टी, अलमारी और टेलीफोन सहित अन्य चिन्ह शामिल

नगर परिषद चुनाव में ‘सेब’ सिंबल की सबसे ज्यादा मांग:कई वार्डों में लॉटरी से हुआ फैसला, बाल्टी, अलमारी और टेलीफोन सहित अन्य चिन्ह शामिल

झुंझुनूं : नगर ​परिषद चुनाव में शुक्रवार को निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह दिए गए। तरह-तरह के चिन्ह प्रत्याशियों को सलेक्ट करने के लिए दिए गए। वहीं इस बार ‘सेब’ चुनाव चिन्ह सबसे बड़ा आकर्षण बना हुआ है। हर दूसरे प्रत्याशी ने पहली पसंद के रूप में ‘सेब’ चुनाव चिन्ह मांगा। जिससे कई वार्डों में एक ही सिंबल के लिए कई दावेदार सामने आ गए। रिटर्निंग अधिकारी को लॉटरी के जरिए फैसला करना पड़ा।

राजनीतिक जानकार इसकी बड़ी वजह हाल ही में हुए झुंझुनूं विधानसभा उपचुनाव को मान रहे हैं। जहां राजेन्द्र गुढ़ा ने सेब चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़कर शहर क्षेत्र में करीब 25 से 26 हजार वोट हासिल किए थे। इसके बाद सेब चुनाव चिन्ह आम मतदाताओं के बीच खास पहचान बना चुका है। यही कारण रहा कि नगर परिषद चुनाव में बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशियों ने इसे अपनी पहली पसंद बनाया।

चुनाव चिन्ह आवंटन करते रिटर्निंग अधिकारी।
चुनाव चिन्ह आवंटन करते रिटर्निंग अधिकारी।

चुनाव चिन्ह मिलते ही प्रत्याशियों के चेहरे खिलें

चुनाव चिन्ह मिलते ही प्रत्याशियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। वहीं सूचना केंद्र परिसर के बाहर जैसे ही वार्ड वार प्रत्याशियों और उनके चुनाव चिन्हों की सूची चस्पा की गई। उसे देखने के लिए प्रत्याशियों, समर्थकों और आम लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कई लोग अपने वार्ड की सूची मोबाइल में कैद करते नजर आए।

सूचना केंद्र सभागार के बाहर वार्ड वाइज़ सूची लगाई गई।
सूचना केंद्र सभागार के बाहर वार्ड वाइज़ सूची लगाई गई।

उपचुनाव के बाद ‘सेब’ बना पहचान का सिंबल

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार सेब चुनाव चिन्ह की लोकप्रियता के पीछे हाल ही में हुए झुंझुनूं विधानसभा उपचुनाव का बड़ा असर है। उपचुनाव में राजेन्द्र गुढ़ा ने सेब चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ा था और शहर क्षेत्र से उन्हें करीब 25 से 26 हजार वोट मिले थे।

चुनाव के दौरान सेब चुनाव चिन्ह काफी चर्चित रहा और बड़ी संख्या में मतदाताओं, विशेषकर मुस्लिम समाज सहित विभिन्न वर्गों में इसकी अच्छी पहचान बनी। यही कारण रहा कि इस बार नगर परिषद चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी सेब को सबसे पहले हासिल करने की कोशिश की।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि स्थानीय चुनावों में प्रत्याशी की पहचान जितनी महत्वपूर्ण होती है, उतना ही महत्व चुनाव चिन्ह का भी होता है। मतदाताओं के जेहन में पहले से पहचान बना चुका चुनाव चिन्ह मिलने से प्रचार में भी आसानी रहती है। यही वजह रही कि अधिकांश निर्दलीयों की पहली पसंद सेब रहा।

अलमारी और बाल्टी के लिए भी रही जबरदस्त मांग

सेब के बाद अलमारी और बाल्टी चुनाव चिन्ह भी सबसे ज्यादा मांग वाले रहे। कई वार्डों में इन चुनाव चिन्हों के लिए भी एक से अधिक प्रत्याशियों ने दावा किया। ऐसे में निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार रिटर्निंग अधिकारी ने प्रत्याशियों और उनके अभिकर्ताओं की मौजूदगी में पर्ची निकालकर लॉटरी से चुनाव चिन्ह आवंटित किए। लॉटरी में जिसका नाम निकला, उसे पसंदीदा चुनाव चिन्ह मिला, जबकि अन्य उम्मीदवारों को दूसरे विकल्प स्वीकार करने पड़े।

कैंची, कोट, टेलीफोन और गुब्बारे से करना होगा प्रचार

मनपसंद चुनाव चिन्ह नहीं मिलने वाले प्रत्याशियों को आयोग की सूची में उपलब्ध अन्य चुनाव चिन्ह दिए गए। इनमें कैंची, कोट, टेलीफोन, चप्पल, गुब्बारा सहित कई अन्य चिन्ह शामिल रहे। हालांकि चुनाव चिन्ह मिलने के बाद अधिकांश प्रत्याशियों ने संतोष जताया और उसी के आधार पर प्रचार शुरू करने की तैयारी में जुट गए।

सूची लगते ही जुट गई भीड़

चुनाव चिन्ह आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सूचना केंद्र परिसर के बाहर वार्डवार प्रत्याशियों और उनके चुनाव चिन्हों की आधिकारिक सूची चस्पा की गई। सूची लगते ही प्रत्याशी, समर्थक और आम लोग अपने-अपने वार्ड का चुनाव चिन्ह देखने के लिए उमड़ पड़े। कई प्रत्याशी सूची देखने के बाद तुरंत अपने कार्यकर्ताओं को चुनाव चिन्ह की जानकारी देते नजर आए।

अब प्रचार में दिखेंगे नए सिंबल

चुनाव चिन्ह मिलने के साथ ही चुनाव प्रचार भी पूरी रफ्तार पकड़ने लगा है। प्रत्याशियों ने पोस्टर, बैनर, पंपलेट, होर्डिंग और सोशल मीडिया पोस्ट में अपने चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल शुरू करने की तैयारी कर ली है। अधिकांश उम्मीदवारों ने शुक्रवार को ही प्रचार सामग्री तैयार कराने का काम शुरू कर दिया, ताकि घर-घर जाकर मतदाताओं तक अपने चुनाव चिन्ह की पहचान पहुंचाई जा सके।

Related Articles

Mantratoto luwakpoker aladin66 tupaiwin