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चूरू में ईद मिलादुन्नबी पर निकला ऐतिहासिक जुलूस, जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत


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चूरू में ईद मिलादुन्नबी पर निकला ऐतिहासिक जुलूस, जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत

पैगंबर -ए - इस्लाम हजरत मुहम्मद (स अ व) पूरी इंसानियत और मानवता के सबसे बड़े पैरोकार थे।- शहर इमाम

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के जन्मदिवस 12 रबी उल अव्वल के अवसर पर चूरू शहर में जुलूस-ए-मुहम्मदी का आयोजन किया गया। मरकजी मदरसा मदीना-तुल-उलूम से शुरू हुआ जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। इस दौरान जगह-जगह व्यापारिक प्रतिष्ठानों, सामाजिक संस्थाओं और सर्व समाज की ओर से जुलूस का पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और मिठाइयां बांटकर स्वागत किया गया।

जुलूस से पहले मदरसा मदीना-तुल-उलूम में सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता शहर इमाम सैयद मुहम्मद अनवार नदीमुल कादरी ने की। उन्होंने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद पूरी मानवता के लिए रहमत बनकर आए थे। उनके जीवन से सच्चाई, ईमानदारी, रहमदिली और सामाजिक न्याय की प्रेरणा मिलती है।

चूरू विधायक हरलाल सहारण ने लोगों से पैगंबर हजरत मुहम्मद के बताए आदर्शों पर चलकर मानवता की सेवा करने का आह्वान किया। रफीक मंडेलिया ने ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देते हुए कहा कि जुलूस-ए-मुहम्मदी इंसानियत, सच्चाई और भलाई का संदेश देता है। तनवीर खान ने शिक्षा के माध्यम से पैगंबर के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने की बात कही। मोहम्मद हुसैन निर्वाण ने आपसी भाईचारे, सौहार्द और सद्भाव का संदेश दिया। एडवोकेट हकीम अहमद खान और बसंत शर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।

खानकाहे कादरिया के सज्जादानशीन सैयद पीर अबरार अहमद कादरी ने अतिथियों का जुलूस-ए-मुहम्मदी का बैज लगाकर अभिनंदन किया। इसके बाद जुलूस मदरसा मदीना-तुल-उलूम से रवाना हुआ। गोरी कॉलोनी, सैनिक बस्ती, मोहल्ला चेजारान सहित विभिन्न क्षेत्रों से अलग-अलग जुलूस इसमें शामिल हुए। जुलूस नई सड़क, रेलवे स्टेशन, लाल घंटाघर, मेन मार्केट, विशाल मॉल, रिलायंस मॉल, जैन मार्केट और मालजी का कमरा होते हुए वापस मदरसा मदीना-तुल-उलूम पहुंचा।

जुलूस के रास्ते में कई स्थानों पर व्यापारियों, सामाजिक संस्थाओं और सर्व समाज के लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया। कई जगह श्रद्धालुओं को मिठाइयां भी वितरित की गईं। जैन मार्केट सहित अन्य स्थानों पर व्यापारियों की ओर से पुष्पवर्षा की गई। जुलूस में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान शहर में भाईचारे और सौहार्द का माहौल देखने को मिला। जुलूस वापस मदरसा मदीना-तुल-उलूम पहुंचने के बाद पीर सैयद अनवार नदीमुल कादरी ने दुआ कराई। सलातो-सलाम के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम का संचालन लोहिया कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शमशाद अली ने किया।

इस दौरान सैय्यद गुलाम मुस्तफा कादरी, शहर काजी अहमद साहब, इरशाद मंडेलिया, सत्तार खान, सुरेश सारस्वत, गोविंद महनसरिया, शौकत खान चायल, अख्तर खान दौलतखानी, भीमराव जाखड़, हाजी यूसुफ खान चौहान, कासम अली चेजारा, हाजी फतेह मोहम्मद गौरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और शहरवासी मौजूद रहे।

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