श्रीगढ़ के बालाजी-भैरवनाथ मंदिर जाने के रास्ते पर लगाया गेट:हटवाने की मांग पर एसडीएम ऑफिस पहुंचे लोग, 2 दिन में कार्रवाई ना होने पर अनशन की चेतावनी
श्रीगढ़ के बालाजी-भैरवनाथ मंदिर जाने के रास्ते पर लगाया गेट:हटवाने की मांग पर एसडीएम ऑफिस पहुंचे लोग, 2 दिन में कार्रवाई ना होने पर अनशन की चेतावनी
लक्ष्मणगढ़ : लक्ष्मणगढ़ किले के गढ़ परिसर में स्थित सिद्धपीठ श्री गढ़ के बालाजी और भैरव मंदिर तक जाने वाले आम रास्ते पर फोर्ट प्रबंधन ने तीन दिन पहले लोहे का गेट लगाकर रास्ता बंद कर दिया, जिससे रोजाना दर्शन करने आने वाले सैकड़ों श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। विरोध में मंगलवार को स्थानीय लोगों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। श्रद्धालुओं ने चेतावनी दी है कि दो दिन में गेट नहीं हटाया गया तो बाजार बंद या अनशन किया जाएगा।
तीन दिन से रास्ता बंद
एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में बताया गया कि लक्ष्मणगढ़ किले के विनोद कुमार झुंझुनवाला, फोर्ट प्रा. लि. एवं उनके परिवार के अजय कुमार झुंझुनवाला ने करीब तीन दिन पहले किले पर जाने वाले आम रास्ते को प्रशासन की अनुमति के बिना बंद कर दिया। इससे गढ़ के बालाजी और भैरव मंदिर में रोजाना आने वाले सैकड़ों श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ज्ञापन में कहा गया कि गेट में सिर्फ एक छोटी खिड़की खुली छोड़ी गई है, जिससे लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। वृद्ध और अशक्त श्रद्धालु मोटरसाइकिल, कार सहित अन्य वाहनों से मंदिर में दर्शन करने आते हैं, लेकिन रास्ता बंद होने से उन्हें काफी परेशानी हो रही है। श्रद्धालुओं ने ज्ञापन में दावा किया कि गढ़ की रजिस्ट्री में पूर्व दिशा में स्थित पक्के खुर्रे को आम रास्ता बताया गया है। यह रास्ता श्री गढ़ के बालाजी मंदिर, भैरवजी मंदिर और किले तक जाने का सार्वजनिक रास्ता है।
नगरपालिका ने चस्पा किया नोटिस
एसडीएम को ज्ञापन देने से पहले भैरव मंदिर परिसर में स्थानीय लोगों की बैठक हुई। बैठक में रास्ता बंद किए जाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इसी दौरान नगरपालिका की टीम भी मौके पर पहुंची और दीवार पर नोटिस चस्पा किया। नगरपालिका जेईएन नवीन काला ने बताया कि सूचना मिलने के बाद गढ़ के प्रतिनिधि के नाम नोटिस चस्पा किया गया है, जिसने गेट लगाया है। इसमें अगले 24 घंटे में रास्ते से जुड़े मालिकाना दस्तावेज पेश करने के लिए कहा गया है। दस्तावेज पेश नहीं किए जाने पर गेट हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
220 साल पुराना मंदिर
ज्ञापन में बताया गया कि लक्ष्मणगढ़ में करीब 220 वर्षों से श्री गढ़ के बालाजी मंदिर से जुड़ी धार्मिक परंपराएं चली आ रही हैं। हिंदू परिवारों में बच्चे के जन्म पर जात-जडूला, विवाह के बाद नवविवाहित दंपती के गठजोड़े की जात-धोक सहित विभिन्न धार्मिक अवसरों पर परिवार के लोग गढ़ के बालाजी मंदिर में दर्शन करने पहुंचते हैं।
बाइक और वाहनों की आवाजाही बंद होने से आक्रोश
श्रद्धालुओं के अनुसार पहले परिवार की महिलाएं, पुरुष और नवविवाहित जोड़े इसी खुर्रे के रास्ते अपने वाहनों से मंदिर तक पहुंचते रहे हैं। गेट लगने के बाद बाइक और चार पहिया वाहनों का आवागमन बंद हो गया है, जिससे श्रद्धालुओं में नाराजगी है।
देवस्थान विभाग में पंजीकृत है मंदिर
ज्ञापन में बताया गया कि श्री गढ़ के बालाजी मंदिर देवस्थान विभाग, राजस्थान सरकार में पंजीकृत है। मंदिर का पट्टा राव राजा माधो सिंह के समय से स्वर्गीय सुखदेव पुत्र स्वर्गीय डूंगरसी जोशी के नाम से जारी होने का उल्लेख भी किया गया है। पुजारी परिवार का दावा है कि उनका परिवार करीब 220 वर्षों से लगातार श्री गढ़ के बालाजी मंदिर की सेवा और पूजा करता आ रहा है।
दो दिन में गेट नहीं हटाया तो बाजार बंद या अनशन की चेतावनी
श्री गढ़ के बालाजी मंदिर के पुजारी सुभाष जोशी ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि दो दिन में गेट नहीं हटाया गया तो लक्ष्मणगढ़ का आमजन बाजार बंद या अनशन का निर्णय ले सकता है। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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