सीकर में निकाय चुनाव की लॉटरी के बाद सियासी हलचल तेज, सभापति पद पर महिला आरक्षित होते ही दावेदार सक्रिय
जिला प्रमुख की सीट OBC महिला के लिए आरक्षित, सीकर नगर परिषद में अनारक्षित महिला बनेगी सभापति; लॉटरी खुलते ही खतीजा बानो का पोस्टर चर्चा में
सीकर : सीकर में जिला प्रमुख और नगर परिषद-नगरपालिकाओं के चेयरमैन पदों के आरक्षण की लॉटरी निकलने के साथ ही जिले की सियासत में नए समीकरण बनने लगे हैं। जिला प्रमुख का पद OBC महिला के लिए आरक्षित हुआ है, जबकि सीकर नगर परिषद के सभापति का पद अनारक्षित महिला के लिए तय हुआ है। आरक्षण की घोषणा के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में संभावित दावेदारों को लेकर जोड़-तोड़ और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
जिला प्रमुख की सीट ने बदले समीकरण
OBC महिला के लिए जिला प्रमुख की सीट आरक्षित होने से भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेमसिंह बाजौर की संभावित दावेदारी को झटका लगा है। उनकी भाई की पत्नी गायत्री कंवर वर्तमान में जिला प्रमुख हैं। वहीं निवर्तमान उप जिला प्रमुख ताराचंद धायल की जिला प्रमुख बनने की उम्मीदों को भी झटका माना जा रहा है।
अब जिला प्रमुख पद के लिए जाट, माली और कुम्हार समाज की महिलाओं के नामों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। दोनों प्रमुख दल बड़े ओबीसी वोट बैंक को देखते हुए इन समाजों की महिला दावेदारों पर दांव लगाने की रणनीति बना सकते हैं। सीकर में लगातार महिला जिला प्रमुख बनने की स्थिति भी बन रही है। इससे पहले रीटा सिंह, मल्ली देवी गुर्जर, अपर्णा रोलन और गायत्री कंवर जिला प्रमुख रह चुकी हैं।
सीकर नगर परिषद में अनारक्षित महिला की सीट
सीकर नगर परिषद सभापति पद के लिए अनारक्षित महिला की लॉटरी निकलने के बाद शहर में राजनीतिक दावेदारियां तेज हो गई हैं। इस आरक्षण से राजपूत, कायस्थ, महाजन, ब्राह्मण और जैन समाज की महिला दावेदारों की उम्मीदें बढ़ी हैं।
कांग्रेस में विधायक राजेंद्र पारीक के प्रभाव के चलते ब्राह्मण समाज की ओर से दावेदारी की चर्चा है। वहीं भाजपा में राजपूत और महाजन समाज की ओर से भी संभावित दावेदार सक्रिय हो सकते हैं। राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी का गृह जिला होने के कारण ब्राह्मण समाज की राजनीतिक पैरवी भी चर्चा में है।
लॉटरी निकलते ही खतीजा बानो का पोस्टर वायरल
आरक्षण की घोषणा के तुरंत बाद निवर्तमान सभापति जीवण खां की पत्नी खतीजा बानो का पोस्टर सामने आने से शहर की राजनीतिक चर्चाओं को और हवा मिल गई है। खतीजा बानो तीन बार पार्षद रह चुकी हैं, जबकि जीवण खां वर्ष 2014 से लगातार दो बार सभापति रह चुके हैं।
पोस्टर सामने आने को आगामी नगर परिषद चुनाव में उनकी संभावित दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि अंतिम तौर पर किसे टिकट मिलेगा, यह राजनीतिक दलों के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।
गांवों के जुड़ने से बढ़ी दावेदारों की संख्या
सीकर नगर परिषद की सीमा विस्तार के बाद आसपास के कई गांव भी नगर परिषद क्षेत्र में शामिल हुए हैं। ऐसे में इन नए क्षेत्रों से भी पहली बार शहर की राजनीति में दावेदार सामने आने की संभावना है।
प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के कारण भाजपा में सभापति पद को लेकर दावेदारों के बीच जोर आजमाइश तेज होने की संभावना है। वहीं सीकर कांग्रेस का मजबूत राजनीतिक क्षेत्र माना जाता है, ऐसे में कांग्रेस में भी टिकट को लेकर घमासान कम नहीं रहने वाला।
कुल मिलाकर जिला प्रमुख के लिए OBC महिला और नगर परिषद सभापति के लिए अनारक्षित महिला की लॉटरी ने सीकर की राजनीति का पूरा समीकरण बदल दिया है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि भाजपा और कांग्रेस किस समाज और किस चेहरे पर भरोसा जताती हैं।
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