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एक माह बाद मासूम को मिला परिवार:सीकर से जयपुर तक चली तलाश, डॉक्यूमेंट के वेरिफिकेशन के बाद पिता को सौंपा


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एक माह बाद मासूम को मिला परिवार:सीकर से जयपुर तक चली तलाश, डॉक्यूमेंट के वेरिफिकेशन के बाद पिता को सौंपा

एक माह बाद मासूम को मिला परिवार:सीकर से जयपुर तक चली तलाश, डॉक्यूमेंट के वेरिफिकेशन के बाद पिता को सौंपा

नीमकाथाना : नीमकाथाना रेलवे स्टेशन पर 15 जुलाई को संदिग्ध अवस्था में मिले पांच वर्षीय मासूम को करीब एक महीने की तलाश के बाद उसके परिवार से मिला दिया गया। बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई और राजकीय शिशु गृह की टीम ने बच्चे के माता-पिता की पहचान सीकर से जयपुर तक तलाश के बाद की। आवश्यक दस्तावेजों और तथ्यों के सत्यापन के बाद बच्चे को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।

करीब एक महीने तक परिवार की तलाश

बच्चे के परिवार की पहचान के लिए बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई और राजकीय शिशु गृह की टीम ने लगातार प्रयास किए। बच्चे से मिली जानकारी, उपलब्ध दस्तावेजों और विभिन्न स्तरों पर किए गए समन्वय के आधार पर पता चला कि उसके माता-पिता जयपुर के वीकेआई क्षेत्र स्थित 17 नंबर इलाके में रहते हैं।

परिवार की जानकारी मिलने के बाद समिति ने केवल मौखिक सूचना के आधार पर बच्चे को सौंपने के बजाय पहचान और दस्तावेजों का विधिवत सत्यापन किया। बाल कल्याण समिति सदस्य बिहारी लाल बालान और राजकीय शिशु गृह की टीम बच्चे को लेकर जयपुर पहुंची।

दस्तावेजों की जांच के बाद पिता को सौंपा

जयपुर में बच्चे के पिता की पहचान करने के साथ सभी आवश्यक दस्तावेजों और तथ्यों का सत्यापन किया गया। जांच में पहचान सही पाए जाने के बाद मासूम को विधिवत उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया। करीब एक महीने बाद पिता की गोद में पहुंचे बच्चे को देखकर परिवार की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। पिता ने बच्चे को सुरक्षित वापस पाने पर बाल कल्याण समिति और पूरी टीम का आभार जताया।

सुरक्षा और संरक्षण रही पहली प्राथमिकता

बाल कल्याण समिति सदस्य बिहारी लाल बालान ने बताया कि समिति के समक्ष बच्चे के प्रस्तुत होने के बाद उसकी सुरक्षा और संरक्षण पहली प्राथमिकता थी। बच्चे की कम उम्र को देखते हुए उसे शिशु गृह में सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया गया। साथ ही उसके परिवार की पहचान के प्रयास लगातार जारी रखे गए।

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