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चिड़ावा हाईवे पर गड्ढे से ऑटो पलटा, शिक्षिका की मौत:3 साल का बेटा घायल; लोगों ने प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप


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चिड़ावा हाईवे पर गड्ढे से ऑटो पलटा, शिक्षिका की मौत:3 साल का बेटा घायल; लोगों ने प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप

चिड़ावा हाईवे पर गड्ढे से ऑटो पलटा, शिक्षिका की मौत:3 साल का बेटा घायल; लोगों ने प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप

चिड़ावा : झुंझुनूं के चिड़ावा-पिलानी स्टेट हाईवे पर सड़क के बड़े गड्ढे के कारण हुए हादसे में एक निजी स्कूल शिक्षिका की मौत हो गई। हादसे में उनका 3 वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने सड़क पर बने गड्ढे को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

हादसा सोमवार रात करीब 8 बजे हुआ। चिड़ावा के वार्ड नंबर 5 स्थित पुरानी बस्ती निवासी बबिता लाटा (42) अपने 3 वर्षीय बेटे पार्थ के साथ ऑटो से पिलानी रोड की ओर जा रही थीं। इसी दौरान स्टेट हाईवे पर बने बड़े गड्ढे में ऑटो का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया। हादसे में बबिता के सिर में गंभीर चोट लगी। उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं उनका बेटा पार्थ घायल हो गया। उसके हाथ में फ्रैक्चर बताया गया है।

3 बच्चों को पीछे छोड़ गईं बबिता

बबिता लाटा निजी स्कूल में शिक्षिका थीं। उनके परिवार में पति याज्ञवेन्द्र लाटा और तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी हिमांशी (16) ने हाल ही में 12वीं कक्षा पास की है। दूसरी बेटी आरवी (7) दूसरी कक्षा में पढ़ती है। वहीं सबसे छोटा बेटा पार्थ (3) हादसे में घायल हुआ है। मृतका के पति याज्ञवेन्द्र लाटा घर के बाहर छोटी किराना दुकान चलाते हैं।

पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई

हादसे की सूचना मिलने पर चिड़ावा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एएसआई सत्यनारायण शर्मा ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी करवाई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

लोगों ने प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप

हादसे के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने हाईवे पर बने गड्ढे को लेकर प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सड़क पर लंबे समय से बने इस बड़े गड्ढे के कारण वाहन चालकों को परेशानी हो रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से इसे ठीक कराने की प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इसी गड्ढे में पहले भी एक ट्रक फंस चुका है। बाद में उसे क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया था। लोगों का आरोप है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही सड़क की स्थिति को लेकर गंभीर होता है।

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