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सीकर में UCC के विरोध में उतरी जमीयत उलेमा-ए-हिंद:सीकर में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन, कहा- लागू हुआ तो लड़ेंगे हरसंभव लड़ाई


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सीकर में UCC के विरोध में उतरी जमीयत उलेमा-ए-हिंद:सीकर में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन, कहा- लागू हुआ तो लड़ेंगे हरसंभव लड़ाई

सीकर में UCC के विरोध में उतरी जमीयत उलेमा-ए-हिंद:सीकर में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन, कहा- लागू हुआ तो लड़ेंगे हरसंभव लड़ाई

सीकर : सीकर में बुधवार को जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रतिनिधिमंडल (डेलीगेशन) ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर समान नागरिक संहिता (UCC) का विरोध जताया। जमीयत उलेमा-ए-राजस्थान के उपाध्यक्ष मौलाना यूनुस कासमी के नेतृत्व में खुर्शीद अहमद, कासम खिलजी, मौलाना जमशेद, अरशद कासमी, निसार अहमद, सैयद मकसूद समेत कई लोगों ने एडीएम (ADM) राकेश कुमार मीणा से मुलाकात की और UCC कमेटी के राजस्थान चेयरमैन के नाम ज्ञापन सौंपा।

जमीयत उलेमा-ए-राजस्थान के उपाध्यक्ष मौलाना यूनुस कासमी ने बताया- भारत में UCC संभव नहीं है, इससे मौलिक अधिकारों का हनन होगा। देश के संविधान में हर व्यक्ति को धार्मिक आजादी का पूरा अधिकार है। यदि यह कानून लागू होता है, तो इसके खिलाफ हरसंभव लड़ाई लड़ी जाएगी।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रतिनिधियों ने ADM को ज्ञापन दिया‌।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रतिनिधियों ने ADM को ज्ञापन दिया‌।

अभी तक UCC का मसौदा तैयार नहीं किया है

जमीयत के खुर्शीद अहमद ने कहा- नया कानून धार्मिक कानूनों को खत्म करने का काम करेगा। सरकार इसे जबरदस्ती थोपना चाह रही है, इसलिए हम इसका विरोध कर रहे हैं। आज देश में समानता से ज्यादा एकता की जरूरत है, क्योंकि भारत की भौगोलिक व सांस्कृतिक विभिन्नता को देखते हुए समानता संभव नहीं है।

सरकार ने अभी तक UCC का मसौदा तैयार नहीं किया है, फिर भी उससे पहले ही लोगों की सहमति-असहमति माँगी जा रही है। सरकार इस कानून की ‘बैकडोर एंट्री’ (चोर दरवाजे से प्रवेश) चाहती है, जो कि धार्मिक आजादी का उल्लंघन और असंवैधानिक है।

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