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राजस्थान में मस्जिदों को बचाने के लिए खड़े होने वाले हिंदुओं के लिए किया जलसा-ए-शुक्रिया


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राजस्थान में मस्जिदों को बचाने के लिए खड़े होने वाले हिंदुओं के लिए किया जलसा-ए-शुक्रिया

राजस्थान में मस्जिदों को बचाने के लिए खड़े होने वाले हिंदुओं के लिए किया जलसा-ए-शुक्रिया

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : डॉ. रहीम ख़ान 
फलौदी : राजस्थान के सीमावर्ती जिलों बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और गंगानगर में मुस्लिम धार्मिक स्थलों, मस्जिद, मदरसों, दरगाहों पर हो रहे बुलडोजर एक्शन के खिलाफ एकजुट होकर सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने वाले अमन पसंद हिन्दू समुदाय के लोगों के लिए फलौदी जिले के जोड गाँव में रविवार 2 अगस्त को सुफ्फह एजुकेशनल एण्ड चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा “जलसा-ए-शुक्रिया एवं सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की सरपरस्ती कारी मोहम्मद अमीन , उपाध्यक्ष जमीयत उलमा-ए-हिन्द एवं मोहतमिम दारुल उलूम पोकरण ने की। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुफ्ती हबीबुल्लाह नोमानी अध्यक्ष सुफ्फह एजुकेशनल एण्ड चैरिटेबल ट्रस्ट एवं  नाजिम तंजीम जमीयत उलेमा राजस्थान ने की।
समारोह में हरीश चौधरी, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक बायतु तथा गोविंद राम मेघवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व विधायक खाजूवाला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथियों में कुंभ सिंह पातावत, महेश व्यास- सचिव पीसीसी, सलीम भाटी – बीकानेर, दिलीप चौधरी – बाप, भैराराम मकवाना – सरपंच चाकू, हरभजन नोखड़ा, मुकेश राव, अभिषेक बिश्नोई, मौलाना कुतुबुद्दीन, मौलाना मुराद, मौलाना अब्दुल रहमान, मुफ्ती हनीफ- नाचना, इरशाद कासमी, इमरान- बीकानेर, यासीन कासमी, रशीदा मेहर – पाटोदी, सतार बुहड़, यूसुफ पडिहार सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। आए हुए सभी अतिथियों का साफा, माला और अजरक ओढ़ाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया।
भाईचारे और समानता पर दिया जोर
मुफ्ती हबीबुल्लाह नोमानी ने अपने संबोधन में देश के निर्माण में सभी धर्मों विशेषकर मुस्लिम समाज के योगदान का जिक्र किया। उन्होंने भाईचारा, प्रेम और मोहब्बत का संदेश देते हुए बॉर्डर क्षेत्र में चल रही “क्लीनिंग कार्रवाई” को एकतरफा और नाइंसाफी करार दिया। साथ ही हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सौहार्द के लिए विभिन्न जिलों में कार्य करने वाले लोगों की सराहना करते हुए सम्मानित किया।
पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल ने समानता और सभी धर्मों के सम्मान की बात कही। उन्होंने आश्वासन दिया कि मुस्लिम समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर मोड़ पर खड़े रहेंगे और किसी पर भी अत्याचार नहीं होने देंगे।
पूर्व मंत्री हरीश चौधरी ने कहा कि भारत की बुनियादी पहचान अपनापन, भाईचारा और एकता है। हमें अपने पूर्वजों के इतिहास से सीख लेनी चाहिए और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ देना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से मदनी खानदान के स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए देश की आजादी में उनके बलिदान को याद किया और राजनीति से ऊपर उठकर मानवता की बात कही।
कारी मोहम्मद अमीन के हाथों सांप्रदायिक सद्भाव और सौहार्द को बढ़ावा देने वाले सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह और शील्ड भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन मौलाना अब्दुल मजीद जलोड़ा ने किया। अंत में महबूब सरपंच ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर कामिल भाई भरेवाला, अल्लाहबख्श, अब्दुल करीम – नैनू, हाफिज अब्दुल रऊफ – डायरेक्टर करनानी ट्रेडिंग, हाफिज मीर मोहम्मद – मोहरा, हाजी फतेह मोहम्मद – मोहरा, बशीर डाडा, हिन्दाल सरपंच, हबीब हाजी, सरादीन हाजी – भाप, मौलाना यूनुस – खालत, मुफ्ती हुसैन, मौलाना जमालुद्दीन – चारणावासी, मौलाना यार मोहम्मद, मौलाना मुस्ताक, कारी शरीफ – थाटी, हाफिज अजमल – बीकानेर, हाजी नूरुद्दीन, ईसा खान – ठाकुर जलोड़ा, रजा मोहम्मद – मगलिया, मौलाना कासिम – चानिया, उमर नदवी, मौलाना मूसा – जोड, इनायत सरपंच, अमीन खान – रोला, वकील रईस – अल्पसंख्यक अध्यक्ष सावंडी, हाजी उस्मान, भूरेखा – हिन्दाल, महबूब चाचा, रशीद किराना, हाजी अयूब, अब्बास भाई, मौलाना आरिफ, मौलाना ताज मोहम्मद, समू खान, मकसूद – जोड, मस्लम – जोड, रईस मेहर – डाडानी, अब्दुल खान – मेहर, मकबूल नागोरी, हाफिज रईस – चारणावासी, यारू खान, मौलाना अशफाक, बशीर – गोदरली सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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