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ईंयारा की गोचर भूमि में होगा मृत गोवंश के शवों का निस्तारण 27 घंटे घरना व कई दौर की वार्ता के बाद बन पाई सहमति


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ईंयारा की गोचर भूमि में होगा मृत गोवंश के शवों का निस्तारण 27 घंटे घरना व कई दौर की वार्ता के बाद बन पाई सहमति

गांव ईयारा में गोशाला में सात दिन से पडे थे गोवंश के शव, निस्तारण को लेकर ग्रामीणों ने दिया था ज्ञापन, अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बात की

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : गजराज शर्मा

बीदासर : उपखंड के ईंयारा गांव की गौशाला में पिछले सात दिनों से पड़े मृत गोवंश के निस्तारण को लेकर चला विवाद आखिरकार 27 घंटे के धरने और प्रशासन व ग्रामीणों के बीच कई दौर की वार्ता के बाद समाप्त हो गया। दोनों पक्षों की सहमति से तय हुआ कि मृत गोवंश का निस्तारण गांव की गोचर भूमि में ही किया जाएगा। मृत पशुओं से संक्रमण को देखते प्रशासन ने सहमति के बाद चिन्हित ताल पर जाब्ता के साथ JCB से शव लेकर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जानकारी के अनुसार मृत गोवंश के निस्तारण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के बाद धरना शुरू कर दिया था।

शुक्रवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर, पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से अलग-अलग बातचीत की, जिसके बाद समाधान निकल सका। विवाद के दौरान एक स्थान पर विरोध होने से तनाव की स्थिति भी बनी। प्रशासन ने समझाइश कर माहौल शांत कराया। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी मृत गोवंश का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।

आंदोलनकारियों ने बताया कि 17 चिन्हित तालों में क्रम से गोमाता को दफनाया जा रहा था लेकिन 12 ताल तक पहुंचने पर कई ग्रामीणों ने आपत्ति जताई जिससे ग्रामीणों का विरोध था सुजानगढ़ सीओ दरजाराम बोस के नेतृत्व में दोनों पक्षों से समझाइश करके मामले को शांतिपूर्ण तरीके से शांत करवाया आगामी स्थायी निर्णय ग्रामसभा की बैठक में होगा अगर ग्रामीण सहमत नहीं होंगे तो प्रशासन अपने स्तर पर एक जगह को चिन्हित करेंगी जिससे फिर से विवाद की स्थिति पैदा ना हो।

इस समय मौके पर सुजानगढ़ ऐ एसपी सतपाल सिंह, ऐ डि एम संतोष मीणा, उपखंड अधिकारी अमीलाल यादव, थानाधिकारी महेन्द्र कुमार मीणा, नायब तहसीलदार लक्ष्मण सहित जिले के प्रशासनिक अधिकारी मौजुद रहे आपको बता दें कि गोशाला की ओर से गहरा गड्ढा खोदकर वैज्ञानिक तरीके से गोवंश का निस्तारण करवाया जा रहा था दो बार जेंसीबी भेजकर गड्ढे भी खुदवाए गए विरोध के कारण गोवंश के शवों का निस्तारण नहीं हो पाया और उन्हें मजबूरी में गौशाला में ही रखना पड़ा परेशान गौशाला पदाधिकारी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिए इस स्थानीय लोग गोवंश के निस्तारण के लिए वैकल्पिक भूमि के निस्तारण की मांग करने लगे तथा इस संबंध में एसडीएम को ज्ञापन दिया गया इसके बाद विवाद बढ़ गया गौशाला में करीब 400 गौवंश रह रहे हैं।

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