रतनगढ़ में सड़क धंसी, पट्टियों से भरा ट्रक फंसा:सीवरेज निर्माण की खुली पोल, बड़ा हादसा टला
रतनगढ़ में सड़क धंसी, पट्टियों से भरा ट्रक फंसा:सीवरेज निर्माण की खुली पोल, बड़ा हादसा टला
रतनगढ़ : चूरू जिले के रतनगढ़ में एलएंडटी कंपनी के सीवरेज निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर शनिवार को उस समय सवाल खड़े हो गए, जब सेठ बंशीधर राजकीय स्कूल के पास अचानक सड़क धंस गई और पत्थर की पट्टियों से भरा एक भारी ट्रक उसमें फंस गया। हादसा स्कूल और व्यस्त मार्ग के पास होने के बावजूद कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन स्थानीय लोगों ने इसे घटिया निर्माण का नतीजा बताते हुए भविष्य में बड़े हादसे की आशंका जताई।
सड़क धंसते ही फंस गया भारी ट्रक
शनिवार दोपहर सेठ बंशीधर राजकीय स्कूल के पास सड़क अचानक धंस गई। उसी दौरान वहां से गुजर रहा पत्थर की पट्टियों से लदा भारी ट्रक गड्ढे में फंस गया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहत की बात यह रही कि ट्रक नहीं पलटा और कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया।
ड्राइवर बोला— ऊपर से सड़क सामान्य दिख रही थी
जोधपुर निवासी ट्रक ड्राइवर अबरार अहमद ने बताया कि वह मकान निर्माण के लिए पत्थर की पट्टियां लेकर रतनगढ़ आया था। सड़क ऊपर से पूरी तरह समतल दिखाई दे रही थी, लेकिन ट्रक चढ़ते ही जमीन अचानक धंस गई। इस घटना में उन्हें करीब 40 से 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ।

स्थानीय लोगों ने जताई सुरक्षा को लेकर चिंता
स्थानीय निवासी धनराज जांगिड़ ने बताया कि ट्रक उनके घर ही सामान लेकर आ रहा था। उनके अनुसार, सीवरेज निर्माण के दौरान सड़क को अंदर से खोखला छोड़ दिया गया है। यह शहर का मुख्य मार्ग है, जहां आधा दर्जन से अधिक स्कूल हैं और प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। यदि ट्रक पलट जाता तो आसपास की दुकानों और राहगीरों को भारी नुकसान हो सकता था।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के पास भी इसी तरह सड़क धंसने की घटना सामने आ चुकी है। जिन स्थानों पर सीवरेज कार्य पूरा होने का दावा किया गया है, वहां आए दिन बसें और ट्रक धंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कई शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं
वार्ड पार्षद प्रतिनिधि महेंद्र कुमार सैनी ने बताया कि एलएंडटी कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों को घटिया निर्माण को लेकर कई बार मौखिक और लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं। इसके बावजूद न तो कंपनी और न ही प्रशासन ने प्रभावी कार्रवाई की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते खोखली सड़कों और धंसे हिस्सों की तकनीकी रूप से मरम्मत नहीं कराई गई, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
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