[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

राज्य कर्मचारी का दर्जा और 26 हजार सैलरी मांगी:एएनएम भर्ती में 50% कोटा की मांग की; आशा सहयोगिनियों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

राज्य कर्मचारी का दर्जा और 26 हजार सैलरी मांगी:एएनएम भर्ती में 50% कोटा की मांग की; आशा सहयोगिनियों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन

राज्य कर्मचारी का दर्जा और 26 हजार सैलरी मांगी:एएनएम भर्ती में 50% कोटा की मांग की; आशा सहयोगिनियों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन

झुंझुनूं : आशा सहयोगिनी यूनियन (सीटू) जिला कमेटी के नेतृत्व में शुक्रवार को आशा सहयोगिनियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। बाद में जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर राज्य कर्मचारी का दर्जा, 26 हजार रुपए मासिक वेतन और अन्य मांगें उठाईं।

आशा सहयोगिनियों ने अपनी लंबित और प्रमुख मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
आशा सहयोगिनियों ने अपनी लंबित और प्रमुख मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

राज्य कर्मचारी का दर्जा और 26 हजार रुपए वेतन की मांग

ज्ञापन में कहा गया कि आशा सहयोगिनियों से केवल उनका मूल कार्य ही कराया जाए। उनके जिम्मे अन्य अतिरिक्त कार्य या ओबीसी सर्वे जैसे कार्य नहीं दिए जाएं। आशा सहयोगिनियों ने राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और न्यूनतम 26 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन तय करने की मांग की। साथ ही सेवानिवृत्ति पर पेंशन और 50 लाख रुपए की एकमुश्त सहायता राशि देने की मांग भी रखी।

बारिश के अंदर भी जारी रखा अपना प्रदर्शन।
बारिश के अंदर भी जारी रखा अपना प्रदर्शन।

समय पर मानदेय और एएनएम भर्ती में 50% कोटा

यूनियन ने समय पर बकाया मानदेय का भुगतान करने की मांग की। इसके अलावा एएनएम भर्ती में अनुभवी आशा सहयोगिनियों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग भी उठाई। प्रदर्शन के दौरान बारिश होने के बावजूद आशा सहयोगिनियां डटी रहीं और अपना विरोध जारी रखा।

प्रतिनिधि बोलीं- कई बार ज्ञापन दिए, सुनवाई नहीं हुई

यूनियन की प्रतिनिधि मंजू लालपुरिया ने कहा कि आशा सहयोगिनियां कई बार अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन दे चुकी हैं और हड़ताल भी कर चुकी हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सामान्य मजदूर भी दिहाड़ी में अधिक राशि घर ले जाता है, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली आशा सहयोगिनियों को केवल 150 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान कर आर्थिक शोषण किया जा रहा है।

मांगें नहीं मानी तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर फैसला नहीं लिया तो आशा सहयोगिनियां अनिश्चितकालीन हड़ताल और उग्र आंदोलन करेंगी। प्रदर्शन में सुशीला, बृजेश देवी, ममता सहित बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनियां मौजूद रहीं।

Related Articles