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रींगस में किसानों ने मोदी-ट्रम्प का पुतला फूंका:अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया, 10 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर आंदोलन की दी चेतावनी


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रींगस में किसानों ने मोदी-ट्रम्प का पुतला फूंका:अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया, 10 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर आंदोलन की दी चेतावनी

रींगस में किसानों ने मोदी-ट्रम्प का पुतला फूंका:अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया, 10 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर आंदोलन की दी चेतावनी

रींगस : रींगस में अखिल भारतीय किसान सभा और मजदूर यूनियन सीटू की तहसील कमेटी की ओर से गुरुवार शाम बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों और अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पुतले फूंककर विरोध जताया गया। बैठक की अध्यक्षता केशाराम धायल और कामरेड सुभाष नेहरा ने की। इसमें बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सरकार पर किसानों से किए वादे नहीं निभाने का आरोप

बैठक को संबोधित करते हुए राज्य पर्यवेक्षक कामरेड रामप्रसाद जांगिड़ ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील के जरिए किसानों और आम जनता के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों से किए गए कर्ज माफी, वर्ष 2022 तक आय दोगुनी करने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सी-2 प्लस 50 प्रतिशत समर्थन मूल्य लागू करने जैसे वादे अब तक पूरे नहीं किए हैं।

श्रम कानूनों और रोजगार के मुद्दे भी उठाए

मजदूर नेता कामरेड हजारीलाल शर्मा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नए लेबर कोड लागू कर रही है, जिससे मजदूरों के अधिकार प्रभावित होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को रोजगार देने के बजाय भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। साथ ही, उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग किए जाने का भी विरोध जताया।

किसानों विरोध स्वरूप प्रतीकात्मक शव यात्रा भी निकाली।
किसानों विरोध स्वरूप प्रतीकात्मक शव यात्रा भी निकाली।

जंतर-मंतर की घटना की निंदा, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

बैठक में मौजूद नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे बच्चों, युवाओं और महिलाओं पर कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की निंदा की। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसमें किसान और मजदूर भी सक्रिय रूप से भाग लेंगे।

10 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर गिरफ्तारी आंदोलन

बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति भी तय की गई। संगठन ने 10 अगस्त को देशभर के जिला मुख्यालयों पर गिरफ्तारी आंदोलन करने का ऐलान किया। इसके तहत सीकर में भी किसान, मजदूर, विद्यार्थी, युवा और महिलाएं भाग लेंगी। आंदोलन की तैयारी के लिए गांव-गांव जनसभाएं और जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।

संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि रींगस से कार्यकर्ताओं का एक दल 29 जुलाई को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कन्वेंशन और जंतर-मंतर पर प्रस्तावित आंदोलन में भी शामिल होगा। उन्होंने कहा कि 10 अगस्त के गिरफ्तारी आंदोलन के बाद आंदोलन के अगले चरण की रणनीति की घोषणा की जाएगी।

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