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श्रीमाधोपुर में श्रद्धालुओं ने खींचा जगन्नाथ भगवान का रथ:24 जुलाई को पुरी की तर्ज पर निकलेगी रथयात्रा, गोपीनाथ मंदिर परिसर में चल रही है भक्तमाल कथा


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श्रीमाधोपुर में श्रद्धालुओं ने खींचा जगन्नाथ भगवान का रथ:24 जुलाई को पुरी की तर्ज पर निकलेगी रथयात्रा, गोपीनाथ मंदिर परिसर में चल रही है भक्तमाल कथा

श्रीमाधोपुर में श्रद्धालुओं ने खींचा जगन्नाथ भगवान का रथ:24 जुलाई को पुरी की तर्ज पर निकलेगी रथयात्रा, गोपीनाथ मंदिर परिसर में चल रही है भक्तमाल कथा

श्रीमाधोपुर : श्रीमाधोपुर के श्री गोपीनाथ मंदिर में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव के तहत पारंपरिक रथ परिक्रमा का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा को 13 फीट ऊंचे नए रथ में विराजित कर मंदिर चौकड़ी के चारों ओर करीब 550 मीटर की परिक्रमा कराई गई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरे परिसर में भक्ति का माहौल बना रहा।

मंदिर महंत डॉ. मनोहरशरण ने बताया कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की प्रतिमाओं को गर्भगृह से विधि-विधान के साथ रथ में विराजित किया गया। पूजन और आरती के बाद श्रद्धालुओं ने परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ के रथ के आगे झाड़ू लगाकर सेवा की। इसके बाद रथ परिक्रमा शुरू हुई।

रथ खींचने के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का उत्साह

रथ परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं में अपने हाथों से भगवान जगन्नाथ का रथ खींचने की विशेष उत्सुकता देखने को मिली। संकीर्तन और भजन-कीर्तन के बीच श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया। मंदिर प्रबंधन की ओर से परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए जूस और नाश्ते की भी व्यवस्था की गई। परिक्रमा पूरी होने के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को पुनः मंदिर में विराजित किया गया।

भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की प्रतिमाओं को गर्भगृह से विधि-विधान के साथ रथ में विराजित किया गया।
भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की प्रतिमाओं को गर्भगृह से विधि-विधान के साथ रथ में विराजित किया गया।

24 जुलाई को पुरी की तर्ज पर निकलेगी रथयात्रा

मंदिर महंत डॉ. मनोहरशरण ने बताया कि दस दिवसीय रथयात्रा महोत्सव का मुख्य आयोजन 24 जुलाई को होगा। इस बार पहली बार पुरी की तर्ज पर तीन अलग-अलग रथों के साथ रथयात्रा निकाली जाएगी। इसमें 21 फीट ऊंचे रथ में भगवान जगन्नाथ, 14 फीट ऊंचे रथ में बलभद्र और 13 फीट ऊंचे रथ में माता सुभद्रा विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे। इस आयोजन में शहर के साथ-साथ आसपास के गांवों और दूर-दराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा को नए रथ में विराजित कर मंदिर चौकड़ी के चारों ओर करीब 550 मीटर की परिक्रमा कराई गई।
भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा को नए रथ में विराजित कर मंदिर चौकड़ी के चारों ओर करीब 550 मीटर की परिक्रमा कराई गई।

शुक्रवार से शुरू होगी भक्तमाल कथा

रथयात्रा महोत्सव के तहत शुक्रवार से 24 जुलाई तक श्री गोपीनाथ मंदिर परिसर में भक्तमाल कथा का आयोजन किया जाएगा। प्रतिदिन दोपहर 2:30 बजे से शाम 6 बजे तक कथाव्यास ब्रज बिहारी दास महाराज श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराएंगे।

धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद

रथ परिक्रमा के दौरान कथावाचक ब्रज बिहारीदास महाराज, पीतांबर पटवारी, जितेंद्र पटवारी, धर्मेंद्र सोनी, पिंटू नागरका, आलोक आगीवाल, महावीर पारीक, मुरारीलाल पारीक, डॉ. नीरू पारीक, राजेश पंसारी, केदार सैन, देव न्यारिया, श्यामसुंदर नारनौली, बजरंग अमरसरिया, परमानंद सोनी, हंसराज कयाल, मधुसूदन कयाल, जुगलकिशोर चौधरी, निरंजन सोनी, नंदकिशोर शर्मा, राजू सैन, मनोज मिश्रा, गुड्डू गोपालका सहित मंदिर प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे।

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