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भालोठ का बेटा बना सेना में लेफ्टिनेंट (डॉक्टर), गांव का पहला डायरेक्ट कमीशंड ऑफिसर


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भालोठ का बेटा बना सेना में लेफ्टिनेंट (डॉक्टर), गांव का पहला डायरेक्ट कमीशंड ऑफिसर

भालोठ का बेटा बना सेना में लेफ्टिनेंट (डॉक्टर), गांव का पहला डायरेक्ट कमीशंड ऑफिसर

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मधू दहिया 

पचेरी : बुहाना तहसील के ग्राम भालोठ के होनहार युवा अंकित कुमार ने आज भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट (डॉक्टर) के रूप में कमीशन प्राप्त कर पूरे गांव और जिले का नाम रोशन कर दिया है। वे भालोठ गांव के पहले डायरेक्ट कमीशंड ऑफिसर बन गए हैं। पुणे स्थित आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (AFMC) की 60वीं पासिंग आउट परेड एवं कमीशनिंग समारोह में अंकित कुमार को लेफ्टिनेंट का रैंक प्रदान किया गया। इस उपलब्धि पर पूरे भालोठ गांव में खुशी और गर्व का माहौल है।

ग्रामीणों ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए अंकित को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बता दें अंकित कुमार एक गौरवशाली सैन्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता कैप्टन सुरेश कुमार (सेवानिवृत्त) 18 ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में सेवा दे चुके हैं और राष्ट्रीय स्तर की पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता रहे हैं। उनके स्वर्गीय दादा हवलदार राम सिंह भी 18 ग्रेनेडियर्स में सेवारत रहे और राष्ट्रीय स्तर की बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत चुके थे।

उनके चाचा सूबेदार सुखवीर सिंह वर्तमान में आर्मी मेडिकल कोर में सेवाएं दे रहे हैं। अंकित कुमार की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि वे परिवार की तीसरी पीढ़ी हैं जो भारतीय सेना में देशसेवा का गौरवपूर्ण दायित्व निभाएंगी। उन्होंने अपने दादा का सपना साकार किया है।

लेफ्टिनेंट (डॉक्टर) अंकित कुमार की पहली नियुक्ति मिलिट्री हॉस्पिटल, जबलपुर में हुई है। यह एक दिलचस्प संयोग है कि उनके दादा और पिता की पहली पोस्टिंग भी इसी अस्पताल में हुई थी। ग्रामीणों ने कहा, “अंकित कुमार की सफलता पूरे गांव के लिए गर्व की बात है। यह युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी।”

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