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चिराना : सात समंदर पार झुंझुनूं के लाल का डंका


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चिराना : सात समंदर पार झुंझुनूं के लाल का डंका

अमेरिका में मिला सर्वोच्च शैक्षणिक सम्मान 'मैग्ना कम लॉ-डे', मल्टीनेशनल कंपनी में सशुल्क अप्रेंटिसशिप के साथ इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी होगी मुफ्त

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : कैलाश बबेरवाल

उदयपुरवाटी : शेखावाटी की माटी के हुनर और संस्कारों ने एक बार फिर सात समंदर पार देश का नाम रोशन किया है। झुंझुनूं जिले के चूड़ी अजीतगढ़ के मूल निवासी सुबोध शर्मा एवं चिराना की बेटी बबिता शर्मा के सुपुत्र खुशाल शर्मा ने अमेरिका में अपनी अद्भुत मेधा और शैक्षणिक उत्कृष्टता से समूचे राजस्थान को गौरवान्वित किया है। खुशाल की इस ऐतिहासिक कामयाबी से उनके पैतृक गांव चूड़ी अजीतगढ़ सहित चिराणा स्थित ननिहाल में जश्न का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। खुशाल शर्मा ने पीसी हाई स्कूल नॉर्थ कैरोलिना अमेरिका से वर्ष 2026 में वहां के सर्वोच्च शैक्षणिक सम्मान ‘मैग्ना कम लॉ-डे’ के साथ हाई स्कूल की शिक्षा पूर्ण की है। यह सम्मान उनकी असाधारण प्रतिभा, कड़ी मेहनत और निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है।

कड़ा मुकाबला कर केवल 39 विद्यार्थियों में बनाई जगह
अपनी इस अद्वितीय प्रतिभा के दम पर खुशाल का चयन प्रतिष्ठित नॉर्थ कैरोलिना ट्रायंगल अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम के लिए हुआ है। वेक टेक कम्युनिटी कॉलेज की साझेदारी में होने वाले इस बेहद कड़े मुकाबले वाले प्रोग्राम में इस वर्ष पूरे क्षेत्र से केवल 39 शीर्ष विद्यार्थियों को चुना गया, जिनमें खुशाल ने अपना स्थान पक्का कर शेखावाटी का मान बढ़ाया। इस प्रतिष्ठित चयन से खुशाल को दोहरी बड़ी उपलब्धियां हासिल होंगी जिसमें ग्लोबल कंपनी में अनुभव खुशाल को एक अग्रणी जर्मन मैकेनिकल प्रिसीजन कंपोनेंट निर्माण कंपनी में सशुल्क अप्रेंटिसशिप करने का शानदार अवसर मिलेगा। इसके साथ ही वेक टेक कम्युनिटी कॉलेज में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की उनकी आगे की पूरी कॉलेज शिक्षा पूर्णतः निःशुल्क होगी।

अमेरिकी श्रम विभाग में रजिस्टर्ड अप्रेंटिस के रूप में करियर का आगाज
हाई स्कूल से स्नातक होते ही खुशाल अमेरिकी श्रम विभाग के अंतर्गत रजिस्टर्ड अप्रेंटिस के रूप में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत करेंगे। इस दौरान उन्हें वर्ल्ड-क्लास टेक्निकल ट्रेनिंग, वास्तविक औद्योगिक अनुभव और अत्याधुनिक समस्या-समाधान जैसे महत्वपूर्ण कौशल सीखने को मिलेंगे, जो भविष्य में उन्हें एक सफल और शीर्ष इंजीनियर बनाने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करेंगे।

बुजुर्गों के संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों की जीत
खुशाल की इस स्वर्णिम सफलता पर अमेरिका से लेकर राजस्थान तक पूरा परिवार और शुभचिंतक हर्षित हैं। परिजनों ने इस कामयाबी का श्रेय खुशाल की लगन के साथ-साथ उनके स्वर्गीय दादा बी.एल. शर्मा चूड़ी अजीतगढ़ एवं स्वर्गीय नानी सरोज देवी चिराना के दिए संस्कारों, आशीर्वाद और पारिवारिक मूल्यों को दिया है। क्षेत्रवासियों ने विश्वास जताया है कि खुशाल अपनी मेहनत और विनम्रता के बल पर भविष्य में भी सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए देश व प्रदेश का नाम निरंतर रोशन करते रहेंगे।

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