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वक्फ बोर्ड के फैसले के खिलाफ ‘कलेक्ट्रेट चलो’ अभियान:इंदिरा नगर पर वक्फ का दावा; इसमें श्मशान की 5 बीघा जमीन भी शामिल


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वक्फ बोर्ड के फैसले के खिलाफ ‘कलेक्ट्रेट चलो’ अभियान:इंदिरा नगर पर वक्फ का दावा; इसमें श्मशान की 5 बीघा जमीन भी शामिल

वक्फ बोर्ड के फैसले के खिलाफ 'कलेक्ट्रेट चलो' अभियान:इंदिरा नगर पर वक्फ का दावा; इसमें श्मशान की 5 बीघा जमीन भी शामिल

झुंझुनूं : झुंझुनूं के इंदिरा नगर के रहवासियों पर बेदखली का साया मंडरा रहा है। लोग दहशत में हैं। हालांकि यह नगर परिषद की आधिकारिक इंदिरा नगर आवासीय योजना है। सभी रहवासियों के पास पट्‌टे और तमाम वैध दस्तावेज हैं। दशहत की वजह 30 मार्च 2026 को आया वक्फ बोर्ड न्यायाधिकरण (जयपुर) का एक फैसला है। वक्फ बोर्ड न्यायाधिकरण, ज्योति नगर, जयपुर ने एक वाद में फैसला सुनाते हुए कहा था-झुंझुनूं शहर के वार्ड 8 स्थित इंदिरा नगर आवासीय योजना की जमीन और खाली भूखंड वक्फ की संपत्ति हैं।

वक्फ बोर्ड के इस फैसले के बाद नगर परिषद झुंझुनूं को निर्देश दिए गए कि वे खाली भूखंडों को न बेचें और न ही कोई नया पट्टा या एनओसी जारी करें। इसके बाद इंदिरा नगर में रह रहे ​200 से ज्यादा परिवारों को बेदखली का डर सता रहा है।

3 महीने दहशत में बीते, जल्दी हाईकोर्ट जाए नगर परिषद

​इंदिरा नगर के निवासी कर्मवीर भाम्बू ने बताया- वार्ड नंबर 8 की ‘इंदिरा नगर आवासीय योजना’ के A और B ब्लॉक नगर परिषद की ओर से अनुमोदित हैं। हमारे पास नगर परिषद के वैध पट्‌टे हैं। मालिकाना हक है। सारे दस्तावेज हैं। फिर भी हम तीन महीने से दहशत में हैं। डर है कि कहीं मकान टूट न जाएं। बेदखली को लेकर खलबली है। हमारी नींद उड़ी हुई है। इसी को लेकर सोमवार (29 जून) को हमने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। जिला कलेक्टर, ADM और नगर परिषद के आयुक्त को ज्ञापन दिए हैं। प्रशासन अपना पक्ष रखे और समय रहते कानूनी कदम उठाए। नगर परिषद प्रशासन को जल्दी पाबंद करे कि वे समय रहते हाई कोर्ट में मजबूत अपील दायर करें ताकि सैकड़ों परिवारों को मानसिक तनाव और बेदखली के डर से स्थायी राहत मिल सके।

कलेक्ट्रेट चलो, इंदिरा नगर बचाओ अभियान

इंदिरा नगर के निवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को जिला कलेक्टर, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासक), तहसीलदार और नगर परिषद आयुक्त से मिला। ज्ञापन में निवासियों ने वक्फ बोर्ड के इस फैसले के खिलाफ नगर परिषद की ओर से अब तक हाई कोर्ट में अपील न करने पर चिंता जताई गई है।

लोगों का कहना है कि इस जमीन पर जोधपुरिया समाज के 200 से अधिक परिवार और सांसी समाज के लोग लंबे समय से निवास कर रहे हैं। इस फैसले की आड़ में इन गरीब और पिछड़े वर्गों के परिवारों के बेघर होने का खतरा बढ़ गया है। श्मशान घाट की 5 बीघा भूमि को भी वक्फ संपत्ति के अधीन दिखाए जाने को लेकर निवासियों में भारी रोष है। ​ज्ञापन सौंपने के दौरान सज्जन जानूं, महीपाल भाम्बू, श्रीचंद झाझड़िया, रामस्वरूप गजराज, डॉ. जे.पी. बुगालिया, राकेश झाझड़िया और रामदेव भास्कर सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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