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झुंझुनूं में AI ब्लैकमेलिंग का खौफनाक खेल! परिवार की महिलाओं की तस्वीरों से अश्लील फोटो बनाकर दी धमकी


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झुंझुनूं में AI ब्लैकमेलिंग का खौफनाक खेल! परिवार की महिलाओं की तस्वीरों से अश्लील फोटो बनाकर दी धमकी

झुंझुनूं में AI ब्लैकमेलिंग का खौफनाक खेल! परिवार की महिलाओं की तस्वीरों से अश्लील फोटो बनाकर दी धमकी

झुंझुनूं : राजस्थान के झुंझुनूं शहर में एक किराना व्यापारी ने साइबर अपराधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. व्यापारी का कहना है कि पिछले करीब एक महीने से उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं. आरोप है कि बदमाश 20 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहे हैं और रकम नहीं देने पर परिवार की महिलाओं की तस्वीरों का एआई तकनीक के जरिए दुरुपयोग कर उन्हें अश्लील बनाकर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर वायरल कर रहे हैं।

पीड़ित व्यापारी का यह भी आरोप है कि कई बार शिकायत करने और पुलिस अधीक्षक के निर्देश मिलने के बावजूद अब तक न तो एफआईआर दर्ज की गई है और न ही मामले में कोई ठोस कार्रवाई हुई है।

देर रात आई कॉल से शुरू हुआ पूरा मामला
पीड़ित व्यापारी राकेश टेकड़ीवाल के अनुसार, 24 मई की रात करीब एक बजे उनके व्हाट्सएप पर ऑडियो कॉल आई. कॉल करने वाले व्यक्ति ने उनसे 20 लाख रुपये की मांग की. शुरुआत में उन्होंने इस कॉल को गंभीरता से नहीं लिया. इसके बाद आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकियां देना शुरू कर दिया. व्यापारी का कहना है कि इसके बाद अलग अलग मोबाइल नंबरों से लगातार कॉल कर रंगदारी मांगी जाती रही।

एआई तकनीक से तस्वीरों का दुरुपयोग करने का आरोप
व्यापारी का आरोप है कि साइबर अपराधियों ने उनके परिवार की महिलाओं और अन्य सदस्यों की तस्वीरों का एआई तकनीक के माध्यम से दुरुपयोग किया. आरोप के अनुसार, तस्वीरों को अश्लील और आपत्तिजनक रूप में तैयार कर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर साझा किया गया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिवार की महिलाओं की तस्वीरों को परिवार के अन्य पुरुष सदस्यों के साथ जोड़कर रिश्तेदारों, परिचितों और मित्रों को भेजा जा रहा है. इसके अलावा सोशल मीडिया पर व्यापारी के बारे में भी भ्रामक और आपत्तिजनक टिप्पणियां पोस्ट किए जाने का दावा किया गया है।

मानसिक तनाव और डर में परिवार
व्यापारी का कहना है कि इन घटनाओं के कारण पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान है. लगातार मिल रही धमकियों की वजह से घर में भय का माहौल बना हुआ है. उन्होंने बताया कि संदिग्ध मोबाइल नंबरों को ब्लॉक कर दिया गया है. वहीं उनका बेटा भी सामान्य कामकाज छोड़कर लगातार व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर नजर रखता है, ताकि परिवार से जुड़ी कोई नई आपत्तिजनक सामग्री वायरल होने पर तुरंत जानकारी मिल सके।

शिकायत करने का दावा, पर कार्रवाई नहीं
पीड़ित व्यापारी के अनुसार, उन्होंने 3 जून को झुंझुनूं कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद 11 जून को उन्होंने पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपी. व्यापारी का दावा है कि वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. फिर 22 जून को उन्होंने दोबारा एसपी से मुलाकात की. उनके अनुसार, इस दौरान एसपी ने शहर कोतवाल को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए. हालांकि व्यापारी का कहना है कि चार दिन बीत जाने के बाद भी न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही जांच शुरू हुई।

संदिग्ध लोगों की जानकारी भी पुलिस को दी
व्यापारी का दावा है कि उन्होंने पुलिस को दो से तीन संदिग्ध व्यक्तियों के नाम और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध कराई है. इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

पुलिस अधिकारियों का पक्ष
इस मामले में पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर से पक्ष जानने का प्रयास किया गया. उन्होंने मामले में शहर कोतवाल श्रवण मील से बात करने को कहा. वहीं शहर कोतवाल श्रवण मील ने इस मामले में किसी भी प्रकार की जानकारी देने से इनकार कर दिया।

कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठा परिवार
करीब एक महीने से चल रहे इस मामले में व्यापारी और उनका परिवार अब भी कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठा है. पीड़ित का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों और सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक सामग्री साझा किए जाने से उनका परिवार भय और मानसिक तनाव के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है. अब उनकी नजर पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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