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किसान सभा ने बैंकों को दी आंदोलन की चेतावनी:फसल बीमा क्लेम और केसीसी समस्याओं पर 5 दिन में मांगा जवाब, शाखा प्रबंधकों को दिया ज्ञापन


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किसान सभा ने बैंकों को दी आंदोलन की चेतावनी:फसल बीमा क्लेम और केसीसी समस्याओं पर 5 दिन में मांगा जवाब, शाखा प्रबंधकों को दिया ज्ञापन

किसान सभा ने बैंकों को दी आंदोलन की चेतावनी:फसल बीमा क्लेम और केसीसी समस्याओं पर 5 दिन में मांगा जवाब, शाखा प्रबंधकों को दिया ज्ञापन

जाजोद : बावड़ी में अखिल भारतीय किसान सभा की ग्राम इकाई ने पंजाब नेशनल बैंक और राजस्थान ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधकों को ज्ञापन सौंपा है। इसमें किसानों की वित्तीय लेन-देन और किसान क्रेडिट कार्ड खातों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को उठाया गया है। किसान सभा ने इन मुद्दों पर पांच दिन के भीतर जवाब मांगा है और ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

‘फसल बीमा क्लेम से किसान वंचित’

ज्ञापन में बताया गया कि साल 2020, 2021 और 2022 में बैंक की लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में किसान फसल बीमा क्लेम से वंचित रह गए। किसान सभा का आरोप है कि जिला कलेक्टर की जांच रिपोर्ट में भी बैंक की लापरवाही सामने आ चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक क्लेम राशि दिलाने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे किसानों में भारी रोष है।

बैंक के शाखा प्रबंधकों को किसानों ने ज्ञापन दिया।
बैंक के शाखा प्रबंधकों को किसानों ने ज्ञापन दिया।

किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि बैंक निर्धारित ब्याज दर के अलावा विभिन्न प्रकार के अतिरिक्त और छिपे हुए शुल्क वसूल रहा है। उन्होंने संबंधित सर्कुलर और निर्देश उपलब्ध कराने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सरकारी बजट घोषणा के अनुसार किसान क्रेडिट कार्ड की ऋण सीमा न्यूनतम तीन लाख रुपए से बढ़ाकर पांच लाख रुपए की गई थी, जिस पर सात प्रतिशत ब्याज दर निर्धारित है, लेकिन बैंकों ने इस प्रावधान को अभी तक प्रभावी रूप से लागू नहीं किया है।

किसान सभा ने मांग की कि बैंकों को नई योजनाओं, नियमों और बदलावों की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के लिए साल में कम से कम एक बार विशेष जागरूकता शिविर आयोजित करने चाहिए। इससे किसानों को बैंकिंग योजनाओं, ब्याज दरों, किश्तों और अन्य सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। अवधि पार ऋणों का किसानों के साथ समन्वय कर विशेष राहत के साथ समाधान किया जाए और पशुपालन, मत्स्य पालन सहित अन्य बैंक योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाया जाए।

किसान सभा ने बैंकों से उपरोक्त सभी बिंदुओं पर आदेश, सर्कुलर, निर्देश और आरबीआई गाइडलाइन सहित संपूर्ण जानकारी पांच दिवस के भीतर उपलब्ध कराने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो किसान सभा किसानों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी बैंक प्रशासन की होगी।

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