झुंझुनूं में अन्नपूर्णा रसोई योजना में गड़बड़ी, तीन संचालक संस्थाएं ब्लैकलिस्ट
झुंझुनूं में अन्नपूर्णा रसोई योजना में गड़बड़ी, तीन संचालक संस्थाएं ब्लैकलिस्ट
झुंझुनूं : जिले में गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को रियायती दर पर भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित अन्नपूर्णा रसोई योजना में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। स्वायत्त शासन विभाग द्वारा की गई जांच के बाद तीन संचालक संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करते हुए प्रत्येक पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
आईटी जांच में सामने आई अनियमितताएं
विभागीय सूत्रों के अनुसार मार्च और अप्रैल माह में जारी किए गए भोजन कूपनों की आईटी जांच के दौरान झुंझुनूं नगर परिषद क्षेत्र की रसोई संख्या 1520 तथा पिलानी नगरपालिका क्षेत्र की रसोई संख्या 1271 में एक जैसी तस्वीरों का उपयोग कर नए लाभार्थियों के नाम पर कूपन जारी किए जाने की अनियमितता सामने आई। जांच में इसे फर्जी कूपन जारी कर अतिरिक्त भुगतान प्राप्त करने के प्रयास के रूप में देखा गया।
संस्थाओं से मांगा गया जवाब
अनियमितताओं के संबंध में संबंधित संस्थाओं से स्पष्टीकरण मांगा गया। झुंझुनूं की रसोई संचालित करने वाली संस्था ने अपने जवाब में कहा कि कच्ची बस्तियों एवं झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले कई लाभार्थी नियमित रूप से भोजन लेने आते हैं, इसलिए तस्वीरें समान दिखाई दे सकती हैं। विभाग ने इस स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना।
पिलानी क्षेत्र की संस्था ने गड़बड़ी के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन विभाग ने स्पष्ट किया कि फर्जी कूपनों से होने वाले आर्थिक लाभ की जिम्मेदारी संस्था की ही मानी जाएगी।
चिड़ावा में भी मिली गड़बड़ी
चिड़ावा नगरपालिका क्षेत्र की रसोई संख्या 439 में जांच के दौरान लाभार्थियों की पुरानी तस्वीरों को पुनः अपलोड कर कूपन जारी करने का मामला सामने आया। संस्था ने सफाई देते हुए कहा कि कई लाभार्थी आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण प्रतिदिन एक जैसे कपड़ों में आते हैं, जिससे तस्वीरें समान प्रतीत होती हैं। विभाग ने इस तर्क को भी तथ्यहीन और असंतोषजनक बताते हुए खारिज कर दिया।
ब्लैकलिस्ट और जुर्माने की कार्रवाई
जांच रिपोर्ट के आधार पर स्वायत्त शासन विभाग ने तीनों संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। साथ ही प्रत्येक संस्था पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। विभाग ने संबंधित स्थानीय निकायों को अन्नपूर्णा रसोई योजना का संचालन निर्बाध रूप से जारी रखने के निर्देश भी दिए हैं। जुर्माने की राशि संस्थाओं के लंबित बिलों से समायोजित की जाएगी अथवा आवश्यकता पड़ने पर पीडीआर एक्ट के तहत वसूली जाएगी।
अन्य रसोइयों की भी हो सकती है जांच
कार्रवाई के बाद जिले में संचालित अन्य अन्नपूर्णा रसोइयों के संचालन को लेकर भी सतर्कता बढ़ गई है। विभागीय स्तर पर अन्य इकाइयों की जांच की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि योजना में पारदर्शिता बनाए रखने तथा पात्र लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए निगरानी और सख्ती आगे भी जारी रहेगी।
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