विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षकों का प्रदर्शन:पे-प्रोटेक्शन आदेश की समीक्षा की मांग, शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा
विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षकों का प्रदर्शन:पे-प्रोटेक्शन आदेश की समीक्षा की मांग, शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा
सरदारशहर : शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र झोरड़ और मंत्री गजानंद मेघवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक एसडीएम ऑफिस पहुंचे और शिक्षा मंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शिक्षकों ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की।
पे-प्रोटेक्शन आदेश की समीक्षा की मांग
प्रदेश महामंत्री विजय पोटलिया ने कहा- राज्य सरकार शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रों और आमजन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने 2 जून को जारी वित्त विभाग के पे-प्रोटेक्शन संबंधी आदेश की समीक्षा कर शिक्षकों से की जा रही वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई। उन्होंने वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता का न्यायसंगत समाधान करने तथा ग्रीष्मकालीन अवकाश में दो दिनों की कटौती के आदेश को वापस लेने की भी मांग की।
ट्रांसफर नीति और डीपीसी प्रक्रिया पर जोर
प्रदेश प्रतिनिधि रणवीर सहारण और गौरीशंकर सिहाग ने सभी संवर्गों के लिए स्थायी स्थानांतरण नीति लागू करने और स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। उन्होंने नवक्रमोन्नत विद्यालयों में पदों की वित्तीय स्वीकृति जारी करने तथा अप्रैल 2026 तक की डीपीसी प्रक्रिया पूर्ण करने की आवश्यकता बताई। इसके साथ ही शिक्षकों ने आरजीएचएस योजना को निरंतर जारी रखने की भी मांग रखी।
पोषाहार और ट्रांसपोर्ट वाउचर भुगतान की मांग
तहसील अध्यक्ष सुरेंद्र झोरड़ और मंत्री गजानंद मेघवाल ने कहा कि पोषाहार एवं ट्रांसपोर्ट वाउचर का भुगतान लंबे समय से लंबित है, जिसे अविलंब जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकीय स्टाफ उपलब्ध कराने, बिजली-पानी की सुविधाएं सुनिश्चित करने, कक्षों की कमी दूर करने तथा स्वच्छता व्यवस्था के लिए नियमित सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की भी मांग की।
नव चयनित शारीरिक शिक्षकों के स्थायीकरण की मांग
ज्ञापन में नव चयनित शारीरिक शिक्षकों के स्थायीकरण के आदेश जारी करने की मांग भी शामिल रही। शिक्षक नेताओं ने कहा कि विभिन्न लंबित मामलों के समाधान से शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन की चेतावनी
शिक्षक नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान श्रीनाथ बरोड़, रतनलाल पांडिया, अमरचंद सांडेला, पवन महर्षि, राजपाल ढाका, रामनिवास सारण, उम्मेद सिंह राठौड़, हेमराज भांभू सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।
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