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इस्लामपुर नामकरण विवाद: 22 किमी पैदल मार्च के बाद कलेक्ट्रेट पर बेहोश हुए राजेंद्र गुढ़ा


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इस्लामपुर नामकरण विवाद: 22 किमी पैदल मार्च के बाद कलेक्ट्रेट पर बेहोश हुए राजेंद्र गुढ़ा

गांव का नाम बदलने के विरोध में हजारों लोगों का प्रदर्शन, 200 साल पुराने दस्तावेज सौंपे; कलेक्टर बोले- तथ्यों के आधार पर होगा फैसला

इस्लामपुर नामकरण विवाद: 22 किमी पैदल मार्च के बाद कलेक्ट्रेट पर बेहोश हुए राजेंद्र गुढ़ा

गांव का नाम बदलने के विरोध में हजारों लोगों का प्रदर्शन, 200 साल पुराने दस्तावेज सौंपे; कलेक्टर बोले- तथ्यों के आधार पर होगा फैसला

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद आरिफ चंदेल

झुंझुनूं : इस्लामपुर गांव का नाम बदलकर श्रीरामपुर किए जाने की चर्चाओं के विरोध में सोमवार को इस्लामपुर से झुंझुनूं कलेक्ट्रेट तक निकाले गए 22 किलोमीटर लंबे पैदल मार्च के दौरान पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा की तबीयत बिगड़ गई। कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन के दौरान तेज गर्मी और उमस के बीच गुढ़ा अचानक बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े। समर्थकों ने उन्हें संभाला और प्राथमिक उपचार दिया। हालांकि उन्होंने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया।

इस्लामपुर के अंबेडकर चौक से सुबह शुरू हुए पैदल मार्च में बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और विभिन्न समुदायों के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारी गांव का नाम बदलने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए नारेबाजी करते हुए झुंझुनूं कलेक्ट्रेट पहुंचे।

कलेक्ट्रेट पहुंचते ही बिगड़ी तबीयत

करीब 22 किलोमीटर की पैदल यात्रा के बाद कलेक्ट्रेट के बाहर आयोजित सभा के दौरान पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे सड़क पर ही गिर पड़े। तेज गर्मी के कारण उनके शरीर से लगातार पसीना निकल रहा था। समर्थकों ने तुरंत उन्हें संभाला, पानी पिलाया और चेहरे पर पानी के छींटे मारकर राहत पहुंचाई। मौके पर एम्बुलेंस भी पहुंची, लेकिन गुढ़ा ने अस्पताल जाने से मना कर दिया। गुढ़ा ने कहा कि प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी। ऐसे में सभी लोग भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे बैठे रहे।

“मुस्लिम हमारे भाई हैं, नाम बदलने का विरोध करेंगे”

सभा को संबोधित करते हुए राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि इस्लामपुर का नाम किसी भी कीमत पर नहीं बदलने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांव की पहचान उसके इतिहास और सामाजिक सौहार्द से जुड़ी होती है।

उन्होंने कहा, “यहां के मुस्लिम कोई बाहरी नहीं हैं, वे हमारे भाई हैं। शेखावाटी के इतिहास में मुसलमानों ने राजपूतों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया है। यदि गांव का नाम बदलने का प्रयास किया गया तो उसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।”

विधायक की सिफारिश के बाद शुरू हुआ विवाद

गौरतलब है कि झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू ने इस्लामपुर गांव का नाम बदलकर “श्रीरामपुर” करने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति देते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा था। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने जिला प्रशासन से मामले की रिपोर्ट मांगी थी। इसी के बाद गांव में विरोध शुरू हो गया और सर्वसमाज के लोगों ने आंदोलन की घोषणा की।

प्रशासन को सौंपे ऐतिहासिक दस्तावेज

प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने अपने पक्ष में करीब 200 वर्ष पुराने राजस्व रिकॉर्ड और वर्ष 1897 के दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए गांव के ऐतिहासिक नाम को यथावत रखने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि इस्लामपुर का नाम क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति और सामाजिक विरासत से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे बदलना उचित नहीं होगा।

कलेक्टर बोले- प्रक्रिया लंबी, जल्दबाजी नहीं होगी

जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने कहा कि गांव का नाम परिवर्तन संबंधी आवेदन प्राप्त हुआ है और उसकी जांच प्रक्रिया जारी है। दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नाम परिवर्तन की प्रक्रिया लंबी होती है और जिला प्रशासन केवल प्रारंभिक जांच करता है। इसके बाद मामला राज्य सरकार और केंद्र सरकार के स्तर पर विचाराधीन रहता है। इसलिए निर्णय पूरी तरह तथ्यों, दस्तावेजों और नियमानुसार ही लिया जाएगा।

बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

पैदल मार्च का नेतृत्व पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने किया। उनके साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने गांव की ऐतिहासिक पहचान बनाए रखने की मांग उठाई और प्रशासन से नाम परिवर्तन प्रस्ताव को निरस्त करने की अपील की।

इस्लामपुर नामकरण को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब जिले की प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं में शामिल हो गया है। आने वाले दिनों में प्रशासन की रिपोर्ट और सरकार के रुख पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

सोमवार सुबह करीब 9 बजे इस्लामपुर से पैदल मार्च शुरू हुआ। पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
सोमवार सुबह करीब 9 बजे इस्लामपुर से पैदल मार्च शुरू हुआ। पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
कलेक्ट्रेट के सामने पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा की गर्मी में तबीयत बिगड़ गई।
कलेक्ट्रेट के सामने पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा की गर्मी में तबीयत बिगड़ गई।
पैदल मार्च में बड़ी संख्या में इस्लामपुर गांव के लोग शामिल हुए।
पैदल मार्च में बड़ी संख्या में इस्लामपुर गांव के लोग शामिल हुए।

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